होली पर भी तनख्वाह न मिलने से परेशान सफाई कर्मचारी सोमवार को भी हड़ताल पर रहे। चार-चार हजार रुपये डालने के बाद भी वे काम पर नहीं लौटे और दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रही, जिससे शहर में जगह-जगह कूड़े-करकट के ढेर लग गए हैं।
नगर पालिका के अधिकारियों के सारे प्रयास विफल रहे, जिसके बाद एक-एक माह की तनख्वाह इनके खाते में भेजी गई और पांच मार्च तक शेष वेतन भेजने का दिया गया, जिसके बाद देर शाम सफाई कर्मियों ने हड़ताल स्थगित कर दी, लेकिन चेतावनी दी कि यदि पांच मार्च तक पूरी तनख्वाह नहीं मिली तो वे फिर हड़ताल पर चले जाएंगे।
सफाई का नया ठेका उठने के बाद से नगर पालिका में तैनात आउट सोर्सिंग के 600 सफाई कर्मचारियों की तनख्वाह अटकी हुई है। सफाई मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कल्याण ने बताया कि जनवरी व फरवरी की तनख्वाह नहीं दी गई है।
28 फरवरी की शाम तक खातों में रकम आने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस पर रविवार को सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। रविवार को सड़कों पर झाड़ू नहीं लगी और न ही कूड़ा उठा। इसके बाद ठेकेदार ने सभी के खाते में चार-चार हजार रुपये डाल दिए, लेकिन सफाई कर्मचारी नहीं माने और हड़ताल जारी रखी।
सोमवार को भी कर्मचारियों ने कूड़ा नहीं उठाया और न ही झाड़ू लगाई। केवल स्थायी कर्मचारी ही जिले में सफाई करते नजर आए। शहर के अधिकतर स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे रहे। गंदगी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जानवरों के कारण कूड़ा गलियों में बिखरा रहा।
नगर पालिका ईओ रोहित सिंह ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद ठेकेदार से संपर्क किया। ठेकेदार ने एक-एक माह की तनख्वाह डाली, जिसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ली। मनोज कल्याण ने कहा कि यदि पांच मार्च तक दूसरे माह का वेतन नहीं मिलता है तो कर्मचारी फिर से हड़ताल पर चले जाएंगे।