मुख्यमंत्री द्वारा सर्वधर्म सम्भाव तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिए जाने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग एवं सामान्य वर्ग के गरीब व्यक्तियों की पुत्रियों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित है।
हाथरस में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना केअंतर्गत 28 फरवरी को सामूहिक विवाह होंगे। जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने जोड़ों का चिन्हीकरण कर भौतिक सत्यापन कराकर पंजीकरण कराने के निर्देश जारी किए हैं।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी सरिता ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा सर्वधर्म सम्भाव तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिए जाने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग एवं सामान्य वर्ग के गरीब व्यक्तियों की पुत्रियों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित है।
आवेदन हेतु पात्रता
कन्या या कन्या के अभिभावक निराश्रित, निर्धन व जरूरतमंद हों तथा जनपद के मूल निवासी हों।
परिवार की वार्षिक आय अधिकतम दो लाख यानी गरीबी रेखा की सीमान्तर्गत हो।
विवाह की तिथि को कन्या की न्यूनतम आयु 18 वर्ष व वर की आयु 21 वर्ष हो।
विवाह हेतु निराश्रित कन्या, दिव्यांग कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांग अभिभावक की पुत्री, विधवा/तलाकशुदा महिला को पुनर्विवाह हेतु प्राथमिकता प्रदान की जायेगी।
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ऐसे करें आवेदन
कन्या व वर को कन्या पक्ष से सम्बन्धित ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत तथा नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका,नगर पंचायत में उपस्थित होकर विवाह की तिथि से पूर्व आवेदन पत्र भरकर जमा करना होगा।
कन्या व वर को दो-दो फोटो व पहचान पत्र के रूप में मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, किसी सरकारी, अर्द्धसरकारी संस्थान इत्यादि द्वारा जारी पहचान पत्र।
आयु की पुष्टि के लिए शैक्षिक अभिलेख, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, आधार कार्ड।
कन्या पक्ष के परिवार की आय के सम्बन्ध में पिता, अभिभावक का आय प्रमाण पत्र।
अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र।
तलाकशुदा महिला के पुनर्विवाह हेतु तलाकनामा, कानूनी रूप से हुये तलाक का वैध अभिलेख।