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Hathras News: कुछ कर्मियों के खाते में पहुंचा एक माह का वेतन, हड़ताल जारी

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हाथरस डिपो की कार्यशाला में आउटसोर्स पर कार्यरत मैकेनिकों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। इस बीच आउटसोर्स करने वाली कंपनी ने 23 कर्मियों में से केवल आठ के खातों में अप्रैल माह का वेतन भेज दिया, लेकिन इससे हड़ताल खत्म नहीं हो सकी। कर्मियों का कहना है कि जब तक तीन माह का पूरा बकाया वेतन नहीं मिलेगा, तब तक वह काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
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हड़ताली कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने कर्मचारियों के बीच फूट डालने की नीयत से केवल कुछ लोगों के खातों में एक माह का वेतन डाला है। अधिकांश कर्मचारियों के खाते अब भी खाली हैं, जबकि सभी पिछले तीन माह से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें प्रति माह करीब आठ हजार रुपये वेतन मिलना तय है, लेकिन वह भी समय पर नहीं दिया जा रहा। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि हड़ताल वापस लेने का दबाव बनाने के लिए अब उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है।
कार्यशाला में बसों की मरम्मत का काम प्रभावित होने पर अलीगढ़ डिपो से कुछ आउटसोर्स कर्मियों को बुलाकर आवश्यक मरम्मत कराई जा रही है। हड़ताल के चलते कार्यशाला में बसों की नियमित सर्विसिंग, छोटे-बड़े फॉल्ट और तकनीकी जांच प्रभावित हो रही है। कई बसों को सीमित जांच के बाद ही मार्ग पर भेजा जा रहा है। डिपो प्रभारी मंगेश कुमार का कहना है कि आउटसोर्स कंपनी से लगातार संपर्क कर कर्मचारियों का बकाया वेतन जल्द दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि शीघ्र समाधान निकलेगा।
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बातचीत,,,,,,,,,,
सिर्फ कुछ लोगों को वेतन देकर कर्मचारियों को बांटने की कोशिश की गई है। जब सभी ने काम किया है तो भुगतान भी सभी का होना चाहिए।
कन्हैया कुमार,मैकेनिक।

आठ हजार रुपये महीने में परिवार चलाना ही मुश्किल है, ऊपर से तीन-तीन माह तक वेतन नहीं मिलता। मजबूरी में हड़ताल करनी पड़ रही है।
-उमेश कुमार, कर्मचारी।

अब हम लोगों से यह भी कहा जा रहा है कि काम पर नहीं लौटे तो नौकरी खत्म कर दी जाएगी। अधिकार मांगने पर धमकी देना गलत है।
-पवन कुमार, मैकेनिक।

अलीगढ़ से कर्मचारी बुलाकर काम चलाया जा रहा है, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं होगा। कंपनी को सभी कर्मचारियों का वेतन देना होगा।
-प्रवीन कुमार, कर्मचारी।
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