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Hathras News: बोले सीमा के पिता-बेटे के जैसा था दामाद...वही रखता था हमारा ख्याल

Thu, 12 Feb 2026 02:10 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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सादाबाद क्षेत्र के गांव मड़नई की बेटी सीमा व उसके परिवार के साथ हुई दिल दहला देने वाली घटना से सभी सन्न हैं। अंतिम संस्कार कर देर रात लौटे पिता ने बताया कि उनका दामाद बेटे जैसे था। वह मंगलवार की सुबह दवा दिलवाने के लिए आ रहा था, लेकिन सुबह पूरे परिवार की मौत की खबर आई।
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सीमा के पिता विजेंद्र ने बताया कि 2016 में उन्होंने बेटी सीमा की शादी मनीष से की थी। खेतीबाड़ी अच्छी थी और परिवार में ऐसी कोई कमी नहीं थी, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो। शनिवार को वह पत्नी वीरन को दवा दिलाने के लिए मथुरा गए थे। वहां से लौटकर बेटी सीमा के घर गांव खप्परपुर में रुक गए थे।
रविवार को वहां ठहरने के बाद सोमवार की शाम को लौटे। विजेंद्र ने बताया कि इस बीच मनीष या सीमा ने ऐसी कोई बात नहीं बताई, जिससे लगे कि वे परेशान हैं।
सभी सामान्य थे। विजेंद्र ने बताया कि उन पर एक ही बेटी थी। उसे पहले एक बेटा हुआ था, जो जन्म लेते ही खत्म हो गया था। बेटी को विदा करने के बाद से ही पत्नी बीमार रहने लगी थीं।
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तीन साल पहले उन्हें फालिज की परेशानी हुई, तब से वे बीमार चल रही थीं। कुछ ठीक होने के बाद पिछले सप्ताह उन्हें फिर से फालिज का अटैक आया।
इस पर मनीष ने ही उन्हें मथुरा दिखाया था। जब भी दवा लेने जाना होता था तो मनीष साथ जाता था। लाभ न होने पर सोमवार को उसने वादा किया था कि वह मंगलवार को आएगा और दूसरी जगह दिखाएगा। फफकते हुए विजेंद्र ने कहा कि वह बेटे से भी बढ़कर ख्याल रखता था, लेकिन कभी अपनी परेशानी बयां नहीं की। विजेंद्र ने कहा कि सीमा व उसका परिवार ही हमारे जीने का सहारा था।
पूरा गांव सकते में, ढांढ़स बंधाने वालों की भीड़ : हत्याकांड और आत्महत्या की खबर ने गांव को सन्न कर दिया है। सीमा के पिता और परिवार के अन्य सदस्यों की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। देर रात अंतिम संस्कार के बाद विजेंद्र व परिवार के अन्य लोग गांव पहुंचे। सुबह से इनके यहां ढांढ़स देने वालों का तांता लगा रहा।
भतीजों के साथ पत्नी को दिखाने गए : घटना के कारण मंगलवार को विजेंद्र पत्नी को दिखाने नहीं जा पाए थे। बुधवार की सुबह वह अपने छोटे भाई के बेटों के साथ पत्नी को दवा दिलाने के लिए जलेसर के पास गए। वहां कोई वैद्य बताया गया है। यहीं पर दामाद ले जाने वाला था।
चचेरे-तहेरे भाइयों को राखी बांधती थी सीमा : चचेरे भाई राजेश ने बताया कि उनके ताऊ विजेंद्र छह भाई हैं। छह में से एक की मृत्यु हो चुकी है। सभी का परिवार गांव में रहता था। राजेश ने बताया कि चाचा-ताऊ को मिलाकर हम 11 भाई और 11 ही बहनें थीं। हमारी एक बहन चली गई।
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