प्रशांत भारती
हाथरस। सरकारी स्कूलों को संवारने के लिए एक ओर कायाकल्प योजना के तहत सुविधाएं विकसित करने के दावे किए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर जिले के 87 परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी बाउंड्रीवॉल ही नहीं हैं या फिर वह जर्जर होकर टूट चुकी हैं। इन विद्यालयों में मासूमों की सुरक्षा खतरे में है।
यानी जिले के छह विकास खंडों के 87 स्कूलों में सुरक्षा दीवार के निर्माण अथवा मरम्मत की जरूरत है, लेकिन समस्या के समाधान की प्रक्रिया ही सुस्त पड़ी है। सरकारी आंकड़ों और रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से अधिकांश विद्यालयों के मामलों में एस्टीमेट तक अप्राप्त श्रेणी में अटका हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सुरक्षा दीवार के निर्माण और मरम्मत का प्रस्ताव ही आगे नहीं बढ़ पा रहा, तो खुले परिसर में पढ़ने वाले मासूमों की सुरक्षा सुनिश्चित कैसे होगी?
जिले के सादाबाद, सासनी, हसायन, मुरसान, सहपऊ और सिकंदराराऊ विकास खंडों के विद्यालय इस समस्या से प्रभावित हैं। कहीं बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जाना जरूरी है, तो कहीं पहले से बनी दीवार की मरम्मत की दरकार है। इसके बावजूद पंचायतराज और बेसिक शिक्षा विभाग के बीच समन्वय और कार्यवाही की गति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। संवाद
इन विद्यालयों में नहीं हैं बाउंड्रीबॉल
मुरसान विकास खंड : प्रावि सेनपुर, प्रावि नगला बिहारी, प्रावि पीहरी, प्रावि सुखा, संविलियन विद्यालय शीतला नगला मेवा (उच्च प्राथमिक स्तर पर) और संविलियन विद्यालय फुसकरा।
हसायन विकास खंड : प्रावि बडोडा, संविलियन विद्यालय रायपुर टप्पा, संविलियन विद्यालय विष्णुपुरी, उच्च प्राथमिक विद्यालय शंकरपुर, उप्रावि नगला रति तथा उप्रावि हेथा रघुनाथपुर।
सहपऊ विकास खंड : संविवि खेरिया, उप्रावि मढ़ाका, तथा संविवि नारायनपुर वाद।
सिकंदराराऊ विकास खंड : प्रावि पचों, प्रावि नगला भीका और उप्रावि डंडेसरी।
सादाबाद विकास खंड : प्रावि नगला बीरबल, उप्रावि श्रीनगर नासिरपुर, प्रावि नगला बुर्ज, उप्रावि नगला छीतर, प्रावि नीति निवास, प्रावि नगला सकत सिंह और प्रावि नगला रद्दू।
सासनी विकास खंड : उप्रावि नदौना, प्रावि ममौता कलां, उप्रावि द्वारिकापुर, प्रावि नगला काशी, प्रावि टिकारी, प्रावि बलदेव, संविवि ऊसवा।
बजट जारी होने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं
महामई इस्माइलपुर के प्रावि नगला पीपली में 3.91 लाख का बजट होने के बावजूद अभी तक टेंडर प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी है। हसायन के फतेहपुर बझेड़ा, विष्णुपुरी और तामसी में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है।
कुछ विद्यालयों में चहारदीवारी का निर्माण शुरू हुआ है। बाकी की जानकारी की जा रही है। ग्राम पंचायतों के जरिये स्कूलों में चहारदीवारी का निर्माण कराया जाना है।
-रणवीर सिंह, बीएसए।