संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
आगरा के एक निजी चिकित्सालय के संचालक के बेटे के कोरोना संक्रमित होने के बाद यहां भी खलबली मच गई है। इस जिले के भी कई लोगों का इस हॉस्पीटल में इलाज चल रहा था। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों की खोजबीन में जुट गया, जोकि इस अस्पताल में हाल में ही गए हों। ऐसे में सादाबाद के एक गांव के युवक को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खोज निकाला। देर शाम उसे जिला अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में दाखिल करा दिया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी वह कोरोना का संदिग्ध रोगी नहीं हैं। उसमें कोरोना का कोई भी लक्षण नहीं मिला है। फिर भी उसे निगरानी में रखा गया है।
आगरा के एक हॉस्पिटल के संचालक के बेटे को कोरोना पॉजिटिव निकला है। इसकी जानकारी मिलने पर यहां भी कुछ लोगों में खलबली मच गई। जिले के कुछ लोगों की आवाजाही इस अस्पताल में रही है और कुछ लोगों का उपचार भी चल रहा है। इसकी जानकारी होते ही खलबली मच गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम और प्रशासन ऐसे लोगों की खोजबीन में जुट गया, जिनका जुड़ाव इस अस्पताल से रहा है। सादाबाद का एक व्यक्ति 26 मार्च को अपनी पत्नी का उपचार कराने के लिए वहां गया था। वह वहां कुछ लोगों के संपर्क में आ गया। इसकी जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंची और इस व्यक्ति को अपने साथ ले आई। उसे हां जिला अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में दाखिल कराया गया।
युवक की कोई ट्रेवलिंग हिस्ट्री नहीं है। वह 26 मार्च इस हॉस्पीटल में गया था। इसलिए उसे एहतियात के तौर पर आइसोलेट किया गया है। अगर उसमे कोरोना का कोई लक्षण दिखता है तो ब्लड सैंपल लेकर जांच को भेजेंगे। - डॉ. आईवी सिंह, सीएमएस।