इस वर्ष सामान्य एवं अनुसूचित जाति के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों को शादी अनुदान की आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी। शासन ने शादी अनुदान के लिए सभी जिलों को दी गई धनराशि के आहरण पर रोक लगा दी है। इस संबंध में समाज कल्याण विभाग के निदेशक मनोज सिंह ने समाज कल्याण अधिकारी को विधिवत रूप से आदेश भी जारी कर दिए हैं।
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस धनराशि का आहरण हुआ तो इसके लिए समाज कल्याण अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
निदेशक की तरफ से जारी निर्देशों में कहा गया है कि चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 में अनुदान संख्या 80 के अंतर्गत सामान्य वर्ग और अनुदान संख्या 83 अनुसूचित जाति की निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता योजनांतर्गत प्रथम पांच महीने अप्रैल 2017 से अगस्त 2017 तक के लिए स्वीकृत लेखानुदान के सापेक्ष समान्य वर्ग के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की पुत्रियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता योजनांतर्गत निदेशालय के लेखा बजट की कुल धनराशि 1689 लाख एवं अनुसूचित जाति की निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता योजनांतर्गत निदेशालय से प्राप्त होने वाली धनराशि 4885 लाख जनपदों को धनराशि आवंटित की गई है। इस धनराशि के आहरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि इस आवंटित धनराशि का कदापि आहरण नहीं किया जाय। अगर आहरण हुआ तो इसके लिए समाज कल्याण अधिका
री आहरण अधिकारी जिम्मेदार होंगे। हालांकि शासन ने अपने आदेश में इस धनराशि के आहरण पर रोक की वजह साफ नहीं की है। माना जा रहा है कि नए दिशा-निर्देशों के इंतजार में फिलहाल इस धनराशि का आहरण रोका गया है। हो सकता है कि शासन इस योजना के लिए कोई नीति लागू करने जा रहा हो, उसके हिसाब से ही लाभार्थियों को इसका लाभ दिया जाएगा।