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शासन ने मांगी फर्जी बीएड डिग्री वाले शिक्षकों की रिपोर्ट

Wed, 04 Jul 2018 12:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला , हाथरस।
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 शिक्षा निदेशालय लखनऊ में तैनात अपर शिक्षा निदेशक रूबी सिंह ने डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के शिक्षा सत्र 2004-05 में जांचोपरांत फर्जी पाए गए 60 बीएड डिग्रीधारक शिक्षकों की रिपोर्ट नहीं भेजे जाने पर नाराजगी जताई है। यह रिपोर्ट एसआईटी द्वारा की जा रही फर्जी शिक्षकों की जांच के संबंध में मांगी जा रही है। लिहाजा एक बार फर्जी शिक्षकों का जिन बोतल से बाहर आ गया है।  
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गौरतलब है कि डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से शिक्षा सत्र 2004-05 में बड़े पैमाने पर बीएड की फर्जी डिग्रियां जारी की गई थीं। इन डिग्रियों से करीब 4,500 लोगों ने माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक के रूप में नौकरी भी पा ली थी। एसआईटी की जांच के बाद बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस प्रकार के संदिग्ध डिग्रीधारी शिक्षकों की एक सीडी भी भेजी गई। सीडी में जिन शिक्षकों का ब्योरा दिया गया था, उनकी जांच कर रिपोर्ट भेजे जाने के निर्देश दिए गए थे।  

तत्कालीन बीएसए ने जब इन शिक्षकों की जांच कराई तो हाथरस में इस प्रकार के 60 शिक्षकों को तो चिह्नित कर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई, जबकि करीब 20 अन्य शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र में कूट रचना का संदेह होने के कारण उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया था।
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एसआईटी के निर्देश के बाद की गई जांच में हाथरस के अलावा इटावा में 52, कन्नौज में 50, आरैया में 51, बदायूं में 88, मऊ में 32, गौतमबुद्धनगर में 06, उन्नाव में 21 शिक्षक सामने आए थे। सूचना के बाद बीएसए की जांच रिपोर्ट अभी तक शासन को प्राप्त नहीं हुई है। अपर निदेशक ने बीएसए थरस को तत्काल अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है, जिससे एसआईटी को इस मामले में रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके।  
 

एसआईटी की जांच से संबंधित मामला उनकी तैनाती से पूर्व का है। वह इस संबंध में जानकारी कर रिपोर्ट भिजवाएंगे, जिससे परिषद के आदेश का अनुपालन हो सके।  

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- हरिश्चंद्र, बीएसए  

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