सादाबाद। रविवार को मूसलाधार बारिश से लोगों ने गर्मी से भले ही राहत महसूस की है, लेकिन जलभराव से जिलेभर में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली सप्लाई ठप होने से वाशिंदे परेशान हो गए वहीं कई जगहों पर दीवार गिरने से लोगाें की जान पर बन आई। उधर बारिश से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं।
सादाबा में करीब दो घंटे की तेज बारिश से हाइवे, गली मोहल्लों में घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया। नालों का पानी सड़कों पर आ गया। सुभाष गली में लक्ष्मी मित्तल, राहुल मित्तल की परचून की दुकान में पानी भर गया। इसके अलावा आगरा गेट पर शिवा कॉम्पलेक्स में कई दुकानों में पानी भर गया। संदीप मोहन वार्ष्णेय की कपड़े की दुकान में पानी भरने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया। सुभाष सोलंकी की दुकान में बारिश के पानी भरने से सामान खराब हो गया। सब्जी मंडी में रजत बंसल, राहुल अग्रवाल, ओमप्रकाश पाराशर आदि की दुकानों में भी पानी भरने से काफी नुकसान हुआ। कस्बे के करीब दो दर्जन से अधिक दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ। इधर, बिसावर के प्राइमरी विद्यालय प्रथम की दीवाल गिर गई। इसके अलावा नगला घनी में नटवर पुत्र भगत सिंह के कमरे की दीवाल गिर गई। इससे लोगों को काफी नुकसान हुआ।
हाथरस में शनिवार को तेज बारिश हुई तो पूरा शहर जलमग्न हो गया, लेकिन दूसरे दिन रविवार को भी शहर के कुछ हिस्से लगातार बारिश से ताल-तलैया बने रहे। जलनिकासी नहीं होने के कारण ऐसा हुआ। शहर के भूरापीर, लक्ष्मी नगर, लाला का नगला, मोहनगंज, रामलीला मैदान, श्रीनगर, नई बस्ती, रमनपुर, बालापट्टी, खोंडा हजारी और नगला तुंदला सहित कई क्षेत्रों में बारिश का पानी नहीं निकला, जिससे लोगों को जलभराव के बीच ही होकर आवागमन के लिए मजबूर हैं। बारातियों, शादी समारोहों में बारिश से व्यवधान पैदा रहा। कई बारातें जलभराव के बीच से गुजरीं।
बिजलीघर में जलभराव से आपूर्ति ठप
सासनी। कस्बा के बिजलीघर में रविवार को हुई तेज बारिश से जलभराव हो गया, जिससे पूरे दिन कस्बा एवं आसपास के इलाके की विद्युत आपूर्ति ठप रही।
सरकारी महकमों के भवनों के परिसर में जलभराव की समस्या आम बात हो गई है। बिजलीघर ही नहीं, प्रशासन की नाक के नीचे तहसील परिसर एवं मंडी समिति के ग्राउंड तथा स्वास्थ्य केंद्र भी जलभराव की समस्या से अछूते नहीं हैं। इसकी मुख्य वजह है कि यहां जलनिकासी का कोई माध्यम नहीं है। हैरानी की बात तो यह है किे भवन निर्माण तो हो जाता है, लेकिन परिसर के समतलीकरण पर संबंधित अधिकारी कोई ध्यान नहीं देते। यही कारण है कि जल निकासी जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। शनिवार को हुई बारिश से जलभराव की हालत और भी बुरी थी। पंप सेट से पानी निकलवाने के बाद विद्युत सप्लाई सुचारू हुई थी।