बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने हाथरस के लाड़पुर में कहा कि नीतीश कुमार को महागठबंधन में सम्मान नहीं मिल रहा था, इसलिए वह वापस एनडीए में लौट आए हैं। नीतीश पलटू राम तो हैं ही, लेकिन इस बार सही पलटे हैं। जब लंका में रहकर विभीषण राजनीति में प्रभु श्रीराम की शरण में आ सकता है तो नीतीश के आने में क्या अंतर है।
भाजपा की शरण में आकर नीतश कुमार ने नौंवी बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। हाथरस के लाड़पुर में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पलटू राम कहा है। साथ ही उन्होंने नीतीश के भाजपा के साथ आने को विभीषण के श्रीराम की शरण में आना करार दिया है।
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नीतीश पलटू राम तो हैं ही
बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि नीतीश कुमार को महागठबंधन में सम्मान नहीं मिल रहा था, इसलिए वह वापस एनडीए में लौट आए हैं। नीतीश पलटू राम तो हैं ही, लेकिन इस बार सही पलटे हैं। अब वह श्रीराम के चरणों में पलट गए हैं।
विभीषण श्रीराम की शरण में आए, तो नीतीश के आने में क्या अंतर
गांव लाड़पुर में चल रही रामकथा के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि जो कुछ हो रहा है, वह अच्छा हो रहा है। राजनीति में यह सब होता रहता है। उन्होंने कहा कि जब लंका में रहकर विभीषण राजनीति में प्रभु श्रीराम की शरण में आ सकता है तो नीतीश के आने में क्या अंतर है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि तब तक बिहारी जी के दर्शन करने नहीं जाएंगे, जब तक मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को हासिल नहीं कर लिया जाता है। काशी भी लेना है, मथुरा भी लेना है। इसके लिए कोर्ट में गवाही के रूप में फिर से हाजिर होने के लिए तैयार हूं।