हाथरस के लाड़पुर में रामभद्राचार्य रामकथा कर रहे थे। कथा के अंतिम दिन उनकी तबियत बिगड़ गई और उन्हें आगरा भर्ती किया गया। वहां से उन्हें देहरादून भेज दिया गया। आगरा में रामभद्राचार्य ने रामकथा के मुख्य यजमान से कहा कि मुझे हाथरस ले चलो, मेरा स्वास्थ्य सही है। मुझे प्रभु श्रीराम का राज्याभिषके की कथा करनी है।
मुझे हाथरस ले चलो, मेरा स्वास्थ्य सही है। मुझे प्रभु श्रीराम का राज्याभिषके की कथा करनी है। उनका राज्याभिषेक कराना है। यह बातें स्वामी राम भद्राचार्य जी महाराज ने आगरा में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान मुख्य यजमान अजय कुमार गुप्ता से कहीं।
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2 फरवरी की सुबह वृंदावन जाने के स्वामी राम भद्राचार्य जी महाराज तैयार हुए थे कि अचानक उनको उल्टियां होने लगीं। उन्हें उपचार के लिए शिष्य व यजमान अजय कुमार गुप्ता आगरा के पुष्पाजंलि हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि गुरुजी ने इतनी भाव पूर्ण कथा सुनाई है कि सभी श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर कथा सुनी।
उन्होंने बताया कि आगरा में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान जब चिकित्सकों ने कहा कि स्वामी भद्राचार्य जी महाराज स्वस्थ हैं तो स्वामी जी हाथरस आने की जिद करने लगे। स्वामी जी कहने लगे कि मुझे हाथरस ले चलो मुझे प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक करना है। गुरुजी बार-बार हाथरस आने के लिए कह रहे थे। उन्होंने कहा कि वहां पंडाल में श्रद्धालु राम के राज्याभिषेक का इंतजार कर रहे होंगे। उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें हाथरस नहीं लाया गया।