रमजान के दौरान नमाज अदा करने के लिए विशेष जानमाज खरीदने की परंपरा है। बाजार में साधारण जानमाज 250 रुपये से उपलब्ध हैं, जबकि आकर्षक डिजाइन, मखमली कपड़े और कढ़ाईदार हैदराबादी जानमाज 15 हजार रुपये तक में बिक रहे हैं।
रमजान की शुरुआत के साथ ही हाथरस शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। मुस्लिम समाज के लोग नमाज और रोजे की तैयारियों को लेकर खरीदारी में जुटे हैं। खासकर हैदराबादी जानमाज, ऊद और कस्तूरी इत्र की मांग इस बार अधिक हो रही है।
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दुकानदारों के अनुसार रमजान के दौरान नमाज अदा करने के लिए विशेष जानमाज खरीदने की परंपरा है। बाजार में साधारण जानमाज 250 रुपये से उपलब्ध हैं, जबकि आकर्षक डिजाइन, मखमली कपड़े और कढ़ाईदार हैदराबादी जानमाज 15 हजार रुपये तक में बिक रहे हैं। कुछ जानमाज पर बारीक डिजाइन भी की गई है, जिन्हें लोग खास पसंद कर रहे हैं।
इत्र की दुकानों पर भी अच्छी भीड़ देखने को मिल रही है। ऊद, कस्तूरी और अन्य खुशबूदार इत्र 100 रुपये से शुरू होकर ऊंची कीमत तक उपलब्ध हैं। दुकानदार रसीद खान का कहना है कि रमजान में बिना अल्कोहल वाले इत्र की मांग अधिक रहती है। इसके अलावा टोपी, रूमाल, कुर्ता-पायजामा और नमाज से संबंधित अन्य वस्तुओं की भी बिक्री बढ़ी है। मिसबाह या तस्बीह की भी अच्छी मांग है। साधारण तस्बीह 100 रुपये से शुरू हैं। मोती, लकड़ी या विशेष पत्थरों से बनी तस्बीह अधिक कीमत में उपलब्ध हैं।
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इसके साथ ही खजूर, फल, शरबत और सेहरी-इफ्तार से जुड़ी खाद्य सामग्री की दुकानों पर भी चहल-पहल है। विभिन्न किस्म के खजूर बाजार में सज चुके हैं, जिनकी कीमत गुणवत्ता के अनुसार अलग-अलग है। दुकानदार रहमान खां ने उम्मीद जताई कि रमजान के पूरे महीने बाजार में अच्छी बिक्री रहेगी। शाम के समय, खासकर इफ्तार से पहले, बाजारों में रौनक और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
दिखा चांद, रमजान मुबारक आज से
18 फरवरी शाम को रमजान का मुबारक चांद दिखाई दिया। 19 फरवरी से रमजान का मुबारक माह शुरू हो गया है। मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के सदर राहत अहमद कुरैशी ने रमजान का माह खुशनुमा रहने की बात कही है। वहीं 30 दिनों तक रोजा रखने के लिए कहा है।