फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras News: योजना पर सवाल...450 महिलाओं के प्रशिक्षण के लिए सिर्फ 18 मशीनें

Thu, 22 Oct 2026 02:43 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
विज्ञापन
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत प्र​शिक्षण कार्यक्रम के लिए कमरे में रखीं मशानें। संवाद - फोटो : Samvad
विज्ञापन
हाथरस। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत दर्जी ट्रेड के प्रशिक्षण में अव्यवस्थाओं के आरोप सामने आए हैं। 450 महिलाओं के प्रशिक्षण के लिए महज 18 सिलाई मशीनें और बैठने की अपर्याप्त व्यवस्था ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश डिजाइन एवं शोध संस्थान और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के तत्वावधान में अलगरजी नगला रोड स्थित जमुना बाग के पीछे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आरोप है कि महिलाओं को एक ही हॉल में बैठाया जा रहा है, जहां उमस के कारण उन्हें परेशानी होती है। प्रशिक्षण के दौरान चाय-नाश्ता समय पर उपलब्ध न होने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों को 10 दिन का निःशुल्क प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य है, लेकिन सीमित मशीनों के बीच इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। सेंटर मैनेजर राहुल दीक्षित ने बताया कि महिलाएं दोपहर तक पहुंच पा रही हैं और पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि मशीनें मंगाई जाएंगी।
विज्ञापन


प्रशिक्षण के लिए ये हैं मानक
- प्रतिदिन छह घंटे की ट्रेनिंग है अनिवार्य।
- प्रशिक्षण के लिए आने वाली प्रशिक्षणार्थियों के लिए सुबह 11 बजे चाय, नाश्ता और एक से दो बजे के बीच भोजन।
- लाभार्थियों की संख्या के अनुसार प्रशिक्षण कक्ष, प्रत्येक कक्ष में अधिकतम 25 लाभार्थियों को प्रशिक्षण।
- प्रत्येक बेच के लिए टीओटी ट्रेनर।

मानकों के नाम पर खानापूर्ति
- ट्रेनिंग के नाम पर महज एक हॉल में करीब 400 लाभार्थियों को बैठाने का दावा, उपस्थिति लगाकर भेजा जा रहा है लाभार्थियों को।
- बुधवार को करीब 100 लाभार्थी मिले हॉल में।
-लाभार्थियों को नहीं दिया गया चाय, नाश्ता।

जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर कराया जाएगा। सिलाई मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। सीएम डैश बोर्ड पर प्रशिक्षण का डाटा अपलोड किया जाना था, इसलिए प्रशिक्षण शुरू कराए गए हैं।
विज्ञापन

-रामेंद्र कुमार, जीएम, डीआईसी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें