गांव टुकसान के ग्रामीणों ने देसी शराब के ठेके के विरोध में हंगामा किया था। तोड़फोड़ व मारपीट की घटना हुई थी और इगलास रोड पर जाम भी लगाया गया था। पुलिस ने चार जुलाई की घटना में कैंटीन संचालक की तरफ से जानलेवा हमला, मारपीट व तोड़फोड़ की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
हाथरस के गांव टुकसान स्थित शराब के ठेके विरोध में बवाल करने के आरोप में जेल भेजे गए नौ लोगों को एडीजे कोर्ट एफटीसी द्वितीय से राहत मिल गई। चार महिलाओं सहित नौ लोगों को कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
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चार व पांच जुलाई को गांव टुकसान के ग्रामीणों ने देसी शराब के ठेके के विरोध में हंगामा किया था। तोड़फोड़ व मारपीट की घटना हुई थी और इगलास रोड पर जाम भी लगाया गया था। पुलिस ने चार जुलाई की घटना में कैंटीन संचालक की तरफ से जानलेवा हमला, मारपीट व तोड़फोड़ की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। महिलाएं इस एफआईआर के बाद भी नहीं मानीं और रविवार को फिर से हंगामा काटा।
इस दौरान सिविल ड्रेस में पहुंचे पुलिस कर्मियों से भी मारपीट की गई। प्रकरण में शराब की दुकान के सेल्समैन की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई। इस बवाल के बाद पुलिस ने गांव टुकसान की लज्जा देवी व उनकी दोनों बेटियां, समसीरा, शनी, जानू, दीपक, योगश व कांता प्रसाद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तब से ये सभी जेल में बंद हैं।्र
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17 जुलाई को लज्जा देवी की ओर से जमानत के लिए प्रार्थना पत्र डाला गया। एडीजे एफटीसी द्वितीय ने पत्रावलियों के अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने लज्जा देवी व उनकी दोनों बेटियों को जमानत थी। इसके बाद शेष आरोपियों ने जमानत अर्जी डाली, जिस पर 21 जुलाई को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी है। कोर्ट ने साफ आदेश दिए हैं कि ये लोग मुकदमा विचारण में सहयोग करेंगे तथा साक्ष्यों को प्रभावित नहीं करेंगे।