दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद से कार्यकर्ता गुस्से में हैं। नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार रात सपा व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली कूच का प्रयास किया, लेकिन इससे पहले पुलिस ने जिले में कुल 58 नेताओं को नजरबंद कर दिया।
सोमवार को जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में दोनों दलों के शीर्ष नेता विरोध प्रदर्शन में उतरे थे। उनको हिरासत में लिए जाने की जानकारी पर जिले के कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए। इधर, पुलिस व इंटेलिजेंस पर पहले से ही अलर्ट था।
जैसे ही कार्यकर्ताओं के कूच करने की सुगबुगाहट शुरू हुई, पुलिस ने इनकी घेराबंदी शुरू कर दी। मंगलवार रात आगरा रोड पर कांग्रेसियों से पुलिस की नोकझोंक भी हुई।
मंगलवार देर रात दिल्ली कूच कर रहे कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय को पुलिस ने हनुमान चौकी पर रोक लिया और उन्हें नजरबंद कर दिया। इसके अलावा कांग्रेस नेता चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, शरद उपाध्याय नंदा, योगेश कुमार व अन्य प्रमुख नेताओं को भी बाहर निकलने से रोक दिया गया।
भीम आर्मी के पूर्व जिलाध्यक्ष कमल सिंह बालियान को भी पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। सपा के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, सहपऊ से सपा नेता साकेत चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी भाजुद्दीन के अलावा मानिकपुर के बॉबी यादव और सुल्तानपुर के नीरज को नजरबंद किया गया।
मुरसान में नगर पंचायत अध्यक्ष देशराज सिंह तथा पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रजनीश कुशवाहा को नजरबंद रखा गया। सासनी में सपा नेता वीरेंद्र कुशवाहा, सिकंदराराऊ में युवराज सिंह यादव और हसायन में समुंत सिंह को नजरबंद किया गया।
चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात, चौकसी बढ़ी
विरोध प्रदर्शन और दिल्ली कूच को विफल करने के लिए जिले के सभी प्रमुख चौराहों पर पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया गया है। सीओ स्वयं अपने-अपने क्षेत्रों के चौराहों पर पुलिस पिकेट के साथ मुस्तैद दिखाई दिए। तालाब चौराहा के नीचे सुरक्षा के लिहाज से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
सपा व कांग्रेस समर्थित अधिवक्ताओं ने फूंका पुतला
जिला न्यायालय परिसर में मंगलवार की दोपहर सपा व कांग्रेस समर्थित अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार का पुतला फूंकते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में लल्लनबाबू, ब्रजमोहन राही, योगेश कुमार ओके, वतन सिंह, आरपी सिंह, जगदीश प्रसाद आदि रहे।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं को नजरबंद किया गया है। शांति व्यवस्था के लिए प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल भी तैनात किया गया, जिससे आम लोगों को किसी समस्या का सामना न करना पड़े।
चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी