महाशिवरात्रि पर ये रहे फलों के दाम
फल -पहले के दाम -अब
केला -30 रुपये किलो -45 रुपये किलो
सेब -180 रुपये किलो -220 रुपये किलो
अंगूर -120 रुपये किलो -160 रुपये किलो
बेर -50 रुपये किलो -60 रुपये किलो
संतरा -50 रुपये किलो -70 रुपये किलो
पपीता -40 रुपये किलो -50 रुपये किलो
कुट्टू के आटे के संबंध में फिजिशियन की सलाह
बागला जिला चिकित्सालय में तैनात फिजिशियन डाॅ. वरुण चौधरी ने बताया कि कुट्टू के आटे का प्रयोग कभी भी घातक साबित हो सकता है। कुट्टू को आटे में तब्दील होने के बाद अधिकतम 24 घंटे के बाद प्रयोग किया जाना घातक साबित हो सकता है।
रखे हुए कुट्टू के आटे से होने वाले नुकसान
फंगल इन्फेक्शन कुट्टू का आटा नमी के प्रति बहुत संवेदनशील होता है। लंबे समय तक रखने पर इसमें बहुत जल्दी फंगस लग जाती है, जो जहरीले तत्वों को पैदा कर सकती है।
- फूड पॉइजनिंग : पुराना या खराब कुट्टू का आटा खाने से उल्टी, दस्त, पेट में तेज दर्द और घबराहट जैसी गंभीर फूड पॉइजनिंग की समस्या हो सकती है।
- त्वचा की एलर्जी : खराब आटे के सेवन से शरीर पर चकत्ते, खुजली या सूजन जैसी एलर्जी की प्रतिक्रियाएं भी देखी जाती हैं।
- आहार का ऑक्सीडेशन : कुट्टू में वसा की मात्रा अधिक होती है, जो हवा के संपर्क में रहकर रैंसिड हो जाती है, जिससे आटे का स्वाद कड़वा हो जाता है और यह पाचन तंत्र को बिगाड़ सकता है।
कैसे पहचानें खराब आटा
- रंग में बदलाव : ताज़ा कुट्टू का आटा हल्का भूरा या मटमैला होता है। यदि यह बहुत काला दिखने लगे, तो इसे उपयोग न करें।
- गंध : खराब आटे में से एक अजीब सी दुर्गंध या सीलन की महक आने लगती है।
- कड़वाहट : यदि आटे की बनी पूड़ी या पकोड़े कड़वे लग रहे हों, तो वह आटा सेहत के लिए हानिकारक है।
- विशेष सुझाव : उपवास के समय अक्सर लोग पुराना रखा आटा इस्तेमाल करते हैं। हमेशा नया और सीलबंद पैकेट ही खरीदें और उसे एयरटाइट डिब्बे में रखें।