दाऊजी मंदिर प्रांगण, जहां लगेगा हरियाली तीज मेला। संवाद
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हरियाली तीज के मौके पर राजा दयाराम किला परिसर स्थित दाऊबाबा रेवती मैया मंदिर पर झूला झूलने की परंपरा बहुत पुरानी है। 2003 से यहां मेले का आयोजन किया जाने लगा। आठ दिन तक चलने वाले की तैयारियां शुरू हो गई है।
देव छठ से लगभग एक माह पूर्व लगने वाले इसे मेले को रेवती मैया मेला का नाम दिया गया। 20 साल पहले शुरू हुए इस मेले का आयोजन आज पूरी भव्यता के साथ किया जाता है। आठ दिन तक चलने वाले इस मेले के दौरान हर रोज सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। रेवती मैया का महाअभिषेक, महाआरती के साथ फूल बंगला आदि के आयोजन होते हैं। इस साल भी मेले का भव्यता के साथ आयोजन किया जाएगा। हालांकि हरियाली तीज पर किला परिसर में बने सामाजिक शिविरों के द्वारों पर 50 साल पहले भी झूले लगाए जाते थे और हरियाली तीज के दिन सैंकड़ों की संख्या में महिलाएं रेवती मैया के दर्शन कर परम्परागत तरीके से झूला झूलती थी।
हरियाली तीज पर वर्षों पहले से महिलाएं दाऊजी मंदिर परिसर में झूला झूलती थीं। हमने वर्ष 2003 में हरियाली तीज के दिन से मेले की शुरूआत की। रेवती मैया मेला लगाया जाने लगा। समाजसेवियों के सहयोग से आज इस मेले ने बड़ी भव्यता मिली है।
-अतुल आंधीवाल, संस्थापक, रेवती मैया मेला कमेटी, हाथरस।