30 मार्च से चैत्र नवरात्र हैं। घर व मंदिरों के लिए बाजार में माता रानी की पोशाक, श्रंगार, चुनरी और मुकुट खरीद रहे हैं। हाथरस में सूरत, गुजरात, बेंगलुरु, मुंबई से बनकर आईं पोशाकोंं के अलावा अन्य प्रकार की शृंगार सामग्री की खूब बिक्री हो रही है।
चैत्र नवरात्र के लिए हाथरस शहर के बाजार सज गए हैं। माता रानी की चुनरी के साथ उनकी पोशाकों की भी खूब मांग हो रही है। छोटे-बड़े देवी मंदिरों में शृंगार के सामान की खूब खरीदारी हो रही है।
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इस बार बाजार में सूरत, गुजरात, बेंगलुरु, मुंबई से बनकर आईं पोशाकोंं के अलावा अन्य प्रकार की शृंगार सामग्री की खूब बिक्री हो रही है। नेट के वर्क में काफी आकर्षक पोशाक व चुनरी बाजार में उपलब्ध हैं। साथ ही जयपुरी और बनारसी कपड़ों में भी माता रानी की पोशाक आईं हैं। इनकी कीमत छोटे आकार में 20 रुपये से लेकर 150 रुपये तक है। बड़े आकार की पोशाक के दाम 3500 रुपये तक हैं।
लाल, नारंगी और हरे रंग की पोशाक के अलावा चुनरी, शृंगार के सामान, चूड़ी, त्रिशूल, अखंड दीपक और छत्र की मांग भी खूब है। जरी और गोटे वर्क वाली पोशाक ज्यादा पसंद की जा रही हैं। जरी की छोटी पोशाक 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक में मिल रही हैं। देवी के मुकुट भी जरी के अलावा स्टोन और मोती वर्क में उपलब्ध हैं। साथ ही 400 से लेकर चार हजार रुपये तक की मूर्तियां भी बिक रही हैं।
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बड़ी मूर्तियों के लिए मुकुट की कीमत पांच रुपये से 1500 रुपये तक है। माता की नथ और रंग-बिरंगे स्टोन वाला टीका भी श्रद्धालुओं की पसंद बना हुआ है। इसकी कीमत 80 से 350 रुपये तक है। शहर के दुकानदार नीरज कुमार ने बताया कि इस साल बड़ी चुनरी के साथ ही पोशाकों की अच्छी मांग आ रही है, इसलिए इनका भरपूर स्टाॅक किया है।