इलाज में हुई देरी के कारण रविवार की सुबह एक गर्भवती महिला व उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। महिला की हालात रविवार सुबह बिगड़ी थी। परिजन दो निजी अस्पतालों में पहुंचे, लेकिन दोनों ही जगह स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं मिलीं। इसके बाद परिजन उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। मायके वालों की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में ले लिया है। नगला अलगर्जी निवासी दीपक की पत्नी नीतू (25) दूसरी बार गर्भवती थीं। उनकी एक ढाई साल की बेटी है। रविवार सुबह करीब चार बजे नीतू का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गया। उसकी गर्भावस्था के नौ महीने पूरे हो चुके थे। प्रसव का दर्द समझ परिजन उन्हें लेकर आनन-फानन जिला अस्पताल के निकट स्थित प्राइवेट अस्पताल पहुंचे।
आपातकालीन परिस्थिति होने के बावजूद यहां चिकित्सक नहीं मिलीं। यहां पता चला कि प्रसव के कारण बीपी बढ़ गया है। इलाज न मिलने पर वे नजदीक के ही दूसरे प्राइवेट अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां से भी मना कर दिया गया और जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाने की सलाह दी गई। परिजन सुबह लगभग पांच बजे महिला को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां महिला को मृत घोषित कर दिया गया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। दीपक व अन्य परिजनों के मुताबिक इसी दौरान गर्भस्थ शिशु की भी मौत हो चुकी थी।
ससुराल वालों ने मायके वालों का खबर की। नीतू की शादी पांच साल पहले हुई थी। उसका मायका निधौली कला एटा के गांव दलू का नगला में हैं, लेकिन पिता ख्याली राम काम के चलते परिवार के साथ लुधियाना रहते हैं। वहीं से हाथरस पुलिस कंट्रोल रूम को नीतू की मौत की खबर दी गई। मौके पर पहुंची कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
रविवार देर शाम तक पिता के न आने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम पर मिली सूचना व जिला अस्पताल से प्राप्त मीमो के आधार पर शव कब्जे में लिया गया है।
गर्भवती महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच कराई जाएगी। परिजनों से जानकारी लेने के बाद यह भी पता किया जाएगा कि आखिर किन कारणों से उसे समय से इलाज नहीं मिल सका। - डाॅ. राजीव रॉय, सीएमओ।