त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन की तैयारियां जारी हैं। इसकी अनंतिम मतदाता सूची में 9.72 लाख मतदाता चिह्नित किए गए। इनमें से 3.20 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर पाए गए या उनके दस्तावेजों में विसंगतियां दर्ज हैं। अब आधार कार्ड के माध्यम से इनका सत्यापन किया जाएगा।
जिले में डुप्लीकेट मतदाताओं की बड़ी संख्या सामने आने के बाद पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दी गई है। सत्यापन पूरा होने के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी, जिसके आधार पर पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आधार नंबर प्रस्तुत न करने पर मतदाता सूची से नाम हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए बूथ लेवल अधिकारियों ने गांव स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। घर-घर जाकर मतदाताओं के आधार कार्ड, पारिवारिक रिकॉर्ड और पते का सत्यापन किया जाएगा। कई क्षेत्रों में शिविर भी लगाए जाएंगे।
सत्यापन के बाद यह होगी कार्रवाई
-मृत मतदाताओं को हटाया जाएगा
-दोहरे/तीहरे नामों को समाप्त किया जाएगा
-स्थानांतरित मतदाता चिह्नित होंगे
ब्लॉकवार मिले डुप्लीकेट मतदाता
ब्लॉक डुप्लीकेट मतदाता
हाथरस 41,143
सासनी 51,932
सिकंदराराऊ 44,076
मुरसान 47,394
हसायन 41,647
सादाबाद 57,000
सहपऊ 36,937
कुल 3,20,129
जिले की अनंतिम सूची में मतदाता 9.72 लाख
अभियान में मिले डुप्लीकेट, मृतक मतदाता 1.42 लाख
सत्यापन में काटे गए डुप्लीकेट मतदाता 29 हजार
जिले में करीब 3.20 लाख संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं को आयोग की ओर से चिह्नित किया गया है। अब इन मतदाताओं का आधार कार्ड के जरिये सत्यापन किया जाएगा। - राम कुमार अत्री, पंचायत निर्वाचन अधिकारी।
एसआईआर में हटाए गए 1.89 लाख मतदाता
वर्ष 2021 की विधानसभा मतदाता सूची में जिले में कुल 11,63,525 मतदाता दर्ज थे। एसआईआर अभियान के बाद जारी अनंतिम मतदाता सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 9,73,909 रह गई है। इस अभियान में लगभग 1,89,616 नाम हटाए गए हैं।
एसआईआर अभियान के दौरान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से वर्ष 2022 की मतदाता सूची का मिलान कराया गया। इसमें 8,51,438 मतदाताओं की मैपिंग की गई। वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैप न हो पाने वाले मतदाताओं की संख्या 1,22,352 है। इसके अलावा अनंतिम मतदाता सूची में मृतक, डुप्लीकेट एवं अन्य कारणों से 1,89,616 नाम हटाए गए हैं। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अब्दुल खालिक ने बताया कि मैपिंग न हो पाने वाले 1.22 लाख से अधिक मतदाताओं को ईआरओ (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं।