उनका कहना था कि उन्होंने पिछले छह माह से भर्ती परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन ट्रेन के विलंब ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। अभ्यर्थियों का आरोप था कि रेलवे द्वारा समय परिवर्तन की पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। यदि उन्हें पहले से जानकारी होती तो वे वैकल्पिक व्यवस्था कर समय पर पहुंच सकते थे। रेलवे प्रशासन द्वारा पुलिस भर्ती परीक्षा के मद्देनजर कासगंज-मथुरा खंड की तीन पैसेंजर ट्रेनों और टनकपुर एक्सप्रेस को करीब एक घंटा 40 मिनट तक पुनर्निर्धारित किया गया है। हालांकि अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर समय परिवर्तन की व्यापक सूचना प्रसारित की जानी चाहिए थी। ै
आम यात्रियों ने भी झेली दिक्कत
ट्रेनों के समय में बदलाव का असर केवल परीक्षार्थियों तक सीमित नहीं रहा। हाथरस सिटी, मुरसान, रति का नगला, मेंडू और अन्य स्टेशनों से यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ लोग अपने निर्धारित कार्यों और जरूरी कार्यक्रमों में समय से नहीं पहुंच सके।
मैं अपने समय से रेलवे स्टेशन पहुंच गई थी। जब निर्धारित समय पर ट्रेन नहीं आई तो उन्होंने पता किया कि ट्रेन क्यों नहीं आ रही। पता चला कि आज एक घंटा 20 मिनट ट्रेन लेट कर दी गई है। हाथरस पहुंचने तक समय निकल गया था, हरचरनदास कन्या इंटर कालेज में प्रवेश नहीं दिया गया, सब तैयारी बेकार हो गई।-कल्पना निवासी कासगंज।
ऐनवक्त पर ट्रेनों के समय में बदलाव मेरे जैसे कई परीक्षार्थियों पर भारी पड़ा है। ट्रेन में कम से कम सवा सौ अभ्यर्थी होंगे, जिन्हें ट्रेन लेट होने के कारण परीक्षा छोड़नी पड़ी है। मैं छह माह से तैयारी कर रही थी, लेकिन अब पता नहीं कब मौका मिलेगा। कई अभ्यर्थियों की तो उम्र सीमा ही खत्म हो जाएगी। -रवीना निवासी कासगंज।