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नहीं लौटे जिंदा: स्वीमिंग पुल में नहाने की कहकर दो बाइक से गए चारों भाई, नहर में डूबे, शरीर पर मिले पूरे कपड़े

Mon, 08 Jun 2026 11:18 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

सब हैरान रह गए कि तीनों भाई अपने पूरे कपड़े पहनकर ही पानी में उतरे थे। अमूमन नहाने से पहले कपड़े उतारे जाते हैं। पुलिस भी काफी देर तक नहर की पटरी पर उनके कपड़ों की तलाश कर रही थी। कपड़े पहनकर नहाने की यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है।
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तीनों मृतकक भाई - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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कासगंज की नहर में डूबे तीनों भाई घर से छह किमी दूर अगसौली स्वीमिंग पूल जाने की कहकर निकले थे, लेकिन तीनों एक चचेरे भाई के साथ दो बाइकों से गांव से 23 किलोमीटर दूर हजारा नहर पहुंच गए। जिसमें वह डूब गए। जब तीनों के शव मिले तो पुलिस देखकर हैरान रह गई, शरीर पर पूरे कपड़े थे, जिन्हें पहनकर नहाने उतरे।

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मां कमलेश देवी ने रुंधे गले से बताया कि 6 जून की सुबह करीब 9:30 बजे तीनों बेटे जयप्रकाश, अजय और हरेंद्र उर्फ छोटू, यह कहकर घर से निकले थे कि वे अगसौली के पास एक स्वीमिंग पूल में नहाने जा रहे हैं। गांव से दो बाइकों पर इन तीनों के साथ इनका चचेरा भाई सुमित (पुत्र राम सिंह) भी गया था। दोपहर करीब एक बजे खबर आई कि तीनों नहर में डूब गए हैं। इस हादसे में चचेरा भाई सुमित सुरक्षित बच गया। परिवार ने सुमित से हादसे के बारे में जानकारी करने का प्रयास किया तो वह इतना ही बता सका कि नहाने पानी में उतरे थे। तीनों भाई एक-दूसरे को बचाने में चले गए। वह उन्हें बचाने के लिए नहर में कूदा था, लेकिन बचा नहीं पाया। इससे ज्यादा वह कुछ नहीं बता पा रहा।

शरीर पर मिले पूरे कपड़, पुलिस भी हैरान
रविवार की सुबह 11:10 बजे घटनास्थल से 500 मीटर दूर रेलवे पुल के नीचे सबसे पहले अजय का शव मिला। इसके आधे घंटे बाद महज 20 मीटर की दूरी पर जयप्रकाश और फिर कुछ ही दूरी पर दोपहर को सबसे छोटे भाई हरेंद्र का शव बरामद हुआ। शवों को देख टीकरी कलां से गए ग्रामीण चौंक गए। सब हैरान रह गए कि तीनों भाई अपने पूरे कपड़े पहनकर ही पानी में उतरे थे। अमूमन नहाने से पहले कपड़े उतारे जाते हैं। पुलिस भी काफी देर तक नहर की पटरी पर उनके कपड़ों की तलाश कर रही थी। कपड़े पहनकर नहाने की यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है, जिससे ग्रामीण इस हादसे के पीछे किसी और अनहोनी आशंका जाहिर कर रहे थे।

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70 फीट गहरा पानी और मगरमच्छों का खौफ
कासगंज पुलिस के मुताबिक, जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां नहर लगभग 70 से 80 फीट गहरा है। इसके साथ ही इस इलाके में मगरमच्छों का भी बसेरा है। शनिवार से लेकर रविवार सुबह तक जब शवों का सुराग नहीं लग रहा था, तब प्रशासन और ग्रामीणों में यह आशंका भी घर कर गई थी कि कहीं तीनों भाइयों को मगरमच्छों ने अपना शिकार न बना लिया हो।

तीसरा शव मिलने पर रुके ग्रामीण
सुबह मिले दोनों शवों का पोस्टमार्टम दोपहर तक हो चुका था, लेकिन तब तक तीसरे भाई का शव नहीं मिला था। परिवार व ग्रामीण दोनों शवों को कासगंज से गांव ले जाने के लिए निकले थे, तभी सूचना मिली कि तीसरे का भी पता लग गया है। तीनों शवों को साथ ले जाने के लिए ग्रामीणों ने इंतजार किया। पोस्टमार्टम होने के बाद तीनों शव देर शाम गांव पहुंचे।
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