कक्षा एक में पढ़ने वाला सात वर्षीय बालक आठ मई को दोपहर पिता की चक्की के पास खेत में शौच जाने की कहकर गया था। काफी देर तक वह वापस नहीं आया तो परिजनों ने उसकी तलाश की। दूसरे दिन तक कोई सुराग नहीं मिला। तीसरे दिन मासूम बालक का शव गांव के निकट भूरी सिंह के चरी के खेत में पड़ा मिला था।
मुरसान क्षेत्र के एक गांव के सात वर्षीय बालक की हत्या के मामले की जांच के लिए पुलिस ने चार टीमों को लगाया है। लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।
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मुरसान पुलिस ने बालक की हत्या के खुलासे के लिए चार टीमों का गठन किया है, जो विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है लेकिन अभी कोई सुराग नहीं लगा है। परिवार में रविवार को भी रिश्तेदारों का आना लगा हुआ था। बालक दो बहनों के बीच इकलौता भाई था।
ज्ञात रहे कि कक्षा एक में पढ़ने वाला सात वर्षीय बालक आठ मई को दोपहर पिता की चक्की के पास खेत में शौच जाने की कहकर गया था। काफी देर तक वह वापस नहीं आया तो परिजनों ने उसकी तलाश की। दूसरे दिन तक कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने नौ मई को गुमशुदगी मुरसान कोतवाली में दर्ज कराई। तीसरे दिन मासूम बालक का शव गांव के निकट भूरी सिंह के चरी के खेत में पड़ा मिला था। शव से दुर्गंध आने पर लोगों ने उसकी पहचान की थी।
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शव क्षत-विक्षत हालत में था। हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे। गर्दन पर चोट के निशान थे। शव के कुछ हिस्से को जानवर भी नोंचकर ले गये थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके साथ कुकर्म की बात सामने आई थी। सीओ सादाबाद हिमांशु माथुर का कहना है कि बालक की हत्या के मामले में कुछ सुराग हाथ लगे हैं। जल्द मामले खुलासा किया जाएगा।