कलेक्ट्रेट में आतिशबाजी लाइसेंस में फर्जीवाड़े के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने वहां पहुंचकर आतिशबाजी लाइसेंस से संबंधित महत्वपूर्ण पत्रावलियों और रजिस्टरों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान पुलिस ने कुछ संदिग्ध दस्तावेजों को साक्ष्य के तौर पर अपने कब्जे में ले लिया है।
तत्कालीन न्याय सहायक रामप्रकाश कुलश्रेष्ठ के खिलाफ कूटरचित तरीके से 18 आतिशबाजी लाइसेंस जारी करने के गंभीर आरोप में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मामले का खुलासा नवीनीकरण के वक्त खुला था।
शिकायतकर्ता जयकुमार शर्मा ने आरोप लगाया था कि पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी मोहर और हस्ताक्षरों के जरिये ये लाइसेंस जारी किए थे, जिनकी आड़ में अवैध रूप से आतिशबाजी की बिक्री की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति की रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने और आपराधिक कृत्य पाए जाने के बाद कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। संवाद