दोपहर को शव आते ही कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने एंबुलेंस को घेर लिया और जयश्रीराम के नारे लगाने शुरू कर दिए। शव जगदीश के घर तक पहुंंचा। साथ में उनका बेटा यश भी था, जिसका रो-रो कर बुरा हाल था। यश की मां की छह माह पूर्व मृत्यु हो चुकी है। अब पिता के जाने के बाद वह अकेला रह गया है। ग्रामीणों ने प्रशासनिक मदद के लिए हंगामा काटा। एसडीएम व सीओ ने हर संभव मदद का भरोसा दिलाया, जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।
हादसा दुखद है। मृतक के शव का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण माहौल में हो गया है। हादसे में घायल पीयूष की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई है। प्रशासन इस दुख की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ है।-नीरज शर्मा, एसडीएम सासनी