आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरौस टोल प्लाजा के निकट बृहस्पतिवार को पुलिस ने एक लोडर वाहन पकड़ा। इसमें भैंस का मांस और उनके अंग लदे हुए थे। मौके पर गोसेवक भी पहुंच गए। पुलिस ने इस मामले में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने मांस के नमूने ले लिए और उसके बादमांस को भूमिगत करा दिया है।
थाना पुलिस के उपनिरीक्षक केशवदयाल ने कोतवाली में शमसुद्दीन पुत्र आलमगीर निवासी नगला पटवारी गली नंबर सात क्वार्सी अलीगढ़ और सारिक पुत्र शकील निवासी स्वाले नगर होली चौक किला बरेली के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा है कि दो जनवरी को बरौस टोल प्लाजा के पास वाहन चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर अलीगढ़ से आगरा की तरफ जा रही मैक्स पिकअप गाड़ी को पकड़ा गया।
इस गाडी से खून टपक रहा था। वाहन में रखी पॉलिथीन से मांस जैसी बदबू आ रही थी। बारीकी से वाहन को चेक किया तो उसमें पशु मांस लदा था। यह मांस भैंसों का प्रतीत हो रहा है। वाहन से पशुओं के अवशेष भी पकड़े गए। पकड़े गए लोगों से लाइसेंस मांगा गया तो उन्होंने बताया कि वह भैंसों का मांस व उनके अंग डासना गाजियाबाद की मीट फैक्टरी से खरीदकर आगरा बेचने के लिए जा रहे थे।
इधर, मौके पर उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पवित्रजीत सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने बताया कि यह मांस व अंग भैंस के ही हैं। मांस सड़ने की स्थिति में है, जिससे संक्रमण फैलने की पूर्ण आशंका है। मांस को जंगल में ले जाकर भूमिगत करा दिया गया। मौके से बरामद मांस के दो नमूने भी लिए गए। इधर, मौके पर गोसेवक दिव्यांश शर्मा, अरुण सिसोदिया, बजरंग दल के जिलाध्यक्ष जीतू राणा, केशव शर्मा, मनोज चौधरी, किशन, विवेक ठाकुर, गगन भी पहुंच गए। सीओ हिमांशु माथुर का कहना है कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया है।