मिठाई खाने से गांव के बृजेश(55), रजनीश(22), मुकेश(40), रोहिताश(35), बद्री प्रसाद(65), माया देवी(64), रमादेवी(35), अनुष्का(12), साधना(35), सोनी(7), मृदुल(6), प्रीति(20), अवनी(8), श्रीमती(50), शकुंतला (61), सरस्वती(7), अंगूरी(50), राजेश(50) व कनक(10) बीमार पड़े। इनमें मुकेश, बृजेश, श्रीमती, रामादेवी व मृदुल को शनिवार को हुई महिला की मौत के बाद सीएचसी में भर्ती कराया गया, जिन्हें शनिवार को आगरा ले जाया गया। प्रीति, शकुंतला, साधना व रोहितश प्राथमिक उपचार के बाद घर पहुंच गए।
गिफ्ट पैक वाले हैं डिब्बे
मंदिर में जो डिब्बे रखे गए हैं वे गिफ्ट पैक वाले हैं, जो दीपावली पर भेंट किए जाते हैं। इन पर किसी दुकान का नाम नहीं है। इस कारण पुलिस का मिठाई की दुकान व खरीदने वाले तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। मिठाई दिखाकर भी ग्रामीणों ने संभावित हलवाई के बारे में पूछा, लेकिन कोई पहचान कर बता नहीं सका।
घरों में भी बनती है मिठाई
अधिकारियों की छानबीन में सामने आया है कि दीपावली पर कई घरों में मावे की मिठाई बनती है। ये लोग मिठाई बेचने के उद्देश्य से बनाते हैं। गांव माधुरी व आस-पास के गांवों में भी हलवाई की दुकानें हैं। पुलिस ने हर संभावित जगह पूछताछ की, लेकिन सभी ने डिब्बे व मिठाई को पहचानने से इंकार कर दिया।