स्वाथ्य विभाग चिकित्सकों और स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। इन दिनों जिला अस्पताल में एक मात्र फिजिशयन तैनात है। उनकी भी बुधवार को इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी थी। बृहस्पतिवार को उनका अवकाश था। परिणामस्वरूप ओपीडी में कोई फिजिशयन नहीं था।
बागला जिला अस्पताल में चिकित्सकों व स्टाफ की कमी से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को ओपीडी कोई फिजिशियन नहीं था। मरीजों ने बताया कि हड्डी रोग विशेषज्ञ और ईएनटी चिकित्सक ने बुखार, खांसी, जुकाम की दवा दी।
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स्वाथ्य विभाग चिकित्सकों और स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। इन दिनों जिला अस्पताल में एक मात्र फिजिशयन तैनात है। उनकी भी बुधवार को इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी थी। बृहस्पतिवार को उनका अवकाश था। परिणामस्वरूप ओपीडी में कोई फिजिशयन नहीं था। इससे खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि उन्हें अन्य चिकित्सकों से अपना उपचार कराना पड़ा। बृहस्पतिवार को करीब 700 मरीज ओपीडी में आए। इसमें से अधिकतर मरीज खांसी, बुखार, जुकाम से पीड़ित थे।
कल से बुखार आ रहा है। उपचार के लिए जिला अस्पताल आया हूं। यहां कोई फिजिशियन मौजूद नहीं है। मजबूरन ईएनटी चिकित्सक से उपचार कराना पड़ रहा है। - रमेश, मरीज
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मौसम बदलने से बुखार की चपेट में आ गया हूं। उपचार के लाए जिला अस्पताल आया हूं। यहां कोई फिजिशियन ही मौजूद नहीं है। - निशांत, मरीज
जुकाम और खांसी हो रही है। जिला अस्पताल आया हूं। यहां कोई फिजिशियन ही उपलब्ध नहीं है। अन्य चिकित्सकों से उपचार कराना पड़ रहा है। - मनीष, मरीज
जिला अस्पताल में सिर्फ एक फिजिशियन की ही तैनाती है। उनकी बुधवार की नाइट ड्यूटी थी। इसलिए बृहस्पतिवार को उनका अवकाश था। - डॉ.सूर्यप्रकाश, सीएमएस, बागला जिला अस्पताल