स्मार्ट प्री-पेड मीटर पर क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट रहा है। शनिवार को गांव अजरोई के बड़ी संख्या में लोगों ने बिजलीघर पर पहुंचकर इन मीटरों के विरोध में प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप था कि गांव में लगे स्मार्ट मीटर से काफी परेशानी हो रही है। बिजली अचानक कट जाती है, जिससे परेशानी होती है।
लोगों का कहना था कि किसान की फसल आलू, गेहूं, मक्का, बाजरा, धान की फसल तिमाही पर ही आती है, जबकि गेहूं की फसल छह महीने बाद घर में आती है। किसान के पास छह महीने में ही हाथ में रकम आती है। इस कारण वे हर महीने बिजली का बिल नहीं चुका पाते। स्मार्ट मीटर के कारण उनकी बिजली ऊपर से काट दी जाती है। हमें नए स्मार्ट मीटर नहीं चाहिए, हमारे यहां पुराने मीटर ही लगवाए जाएं।
विद्युत अधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी समझाया, लेकिन ग्रामीण गांवों में लगे स्मार्ट मीटरों को हटवाने की मांग करते रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि गांव-गांव लगे स्मार्ट मीटर को नहीं हटवाए गए तो वे सरकार का विरोध करेंगे। मौके पर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी मलखान सिंह, ममता देवी, गुड़िया देवी, भूरी, गुड्डी देवी, पूजा देवी, मीना, हीरेश, विमलेश, मीना आदि मौजूद थीं।
सरकार द्वारा गांव-गांव में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, जिनसे काफी परेशानी हो रही है। अचानक इन मीटरों से बिजली बंद कर दी जाती है। बिल भी पहले से ज्यादा आ रहा है।
-शशि देवी
स्मार्ट मीटर से बिल पहले से अधिक आ रहा है। गर्मी में अचानक बिजली कटने से काफी दिक्कत होती है। हमें ये नए मीटर कतई स्वीकार नहीं हैं। हमारे यहां पुराने मीटर ही लगवाए जाएं।
-सोमवती
मैं घर में अकेली रहती हूं। मेरे घर की बिजली काट दी गई है। बुजुर्ग होने के कारण मैं ज्यादा भागदौड़ भी नहीं कर सकती। बिजली कटने से मैं गर्मी में सोने पर मजबूर हूं।
-रामवती पाठक
लोग अपनी समस्या लेकर बिजलीघर पर आए थे। उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा। गांव-गांव शिविर लगाकर स्मार्ट मीटर के फायदे लोगों को बताए जाएंगे।
-अभिनव तिवारी, अधिशासी अभियंता