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हाथरस: अहेरिया समाज का रेलवे ट्रैक पर कब्जा, जातिगत श्रेणी में शामिल करने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन, दर्जनों ट्रेन प्रभावित

Thu, 16 Dec 2021 03:52 PM IST
सुशील कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस 

सार

प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। रेलवे ट्रैक के बाधित होने की वजह से ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। अहेरिया समाज के काफी लोग रेलवे ट्रैक पर ही बैठे रहे।
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रेलवे ट्रैक पर बैठे अहेरिया समाज के लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अहेरिया जाति को सूचीबद्ध करने और जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर गुरुवार को अहेरिया समाज के लोगों ने दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर कब्जा जमा लिया। न्यू हाथरस रेलवे स्टेशन के निकट सुबह 11:30 बजे बड़ी संख्या में लोग रेलवे ट्रैक पर धरना देकर बैठ गए थे। इस दौरान जमकर हंगामा भी हुआ। इससे दर्जनों ट्रेनों के पहिये थम गए और हजारों यात्री फंस गए। 

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देर शाम करीब साढ़े सात बजे अलीगढ़ से कमिश्नर गौरव दयाल और डीआईजी दीपक कुमार ने मौके पर पहुंच कर आंदोलनकारियों को समझाया। साथ ही, अहरिया समाज के नेता चंद्रपाल का वीडियो भी दिखाया, जिसमें वह आंदोलन खत्म करने और रेलवे ट्रैक से हटने की अपील कर रहे थे। शाम 07:40 बजे आंदोलनकारी ट्रैक से हटे। 08:20 बजे ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया।

लंबे समय से अहेरिया समाज के लोग मांग कर रहे हैं कि उन्हें सूचीबद्ध किया जाए। इन लोगों का कहना है कि उन्हें कई राज्यों में अनुसूचित जाति में शामिल कर लिया गया है, लेकिन उत्तर प्रदेश में उन्हें किसी भी श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है। न तो वह अनुसूचित जाति में शामिल हैं और न ही पिछड़ी जाति में। उनकी जाति को सूचीबद्ध न किए जाने की वजह से उनके जाति प्रमाण पत्र भी जारी नहीं हो रहे। वह लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। लखनऊ में भी कई माह से उनका धरना चल रहा है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। उनके बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। उनकी जाति को सूचीबद्ध किया जाए और उनके जाति प्रमाणपत्र निर्गत किए जाएं। 
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इन्हीं मांगों को लेकर अहेरिया समाज के लोग गुरुवार सुबह 11:30 बजे से दिल्ली-हावडा रेलवे ट्रैक पर न्यू हाथरस रेलवे स्टेशन के निकट गंगौली ओवरब्रिज के नीचे एकत्रित हो गए। इनमें बड़ी संख्या में पुरुषों के अलावा महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इसके बाद इन लोगों ने रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर लिया। कुछ युवक रेलवे ट्रैक पर लेट गए। इनके हाथों में बैनर और झंडियां भी थीं। इस प्रदर्शन का अंदाजा न रेलवे प्रशासन को था और न ही पुलिस प्रशासन को। जैसे ही पुलिस व रेलवे प्रशासन को इसकी जानकारी मिली, वैसे ही अधिकारी वहां पहुंचना शुरू हो गए, लेकिन सैकड़ों की तादाद में रेलवे ट्रैक पर जमे प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से कह दिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वह रेलवे ट्रैक से नहीं हटेंगे। ऐसे में रेलवे प्रशासन को वहां आने और जाने वाली ट्रेनें आसपास के नजदीकी के स्टेशनों पर रोकनी पड़ीं।

जिलाधिकारी रमेश रंजन, एसपी विनीत जायसवाल सहित अन्य आला अधिकारी भी काफी पुलिस बल के साथ पहुंच गए और इन प्रदर्शनकारियों को समझाया, लेकिन वह रेलवे ट्रैक पर कब्जा छोड़ने को राजी नहीं हुए। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई। प्रदर्शनकारियों ने लखनऊ में मौजूद अपने नेताओं से भी बातचीत की और उनका निर्देश लेते रहे। इधर, दर्जनों की संख्या में ट्रेनों का परिचालन रुक गया था। लाखों की तादाद में यात्री ट्रेनों में ही फंस गए थे।

देर शाम करीब साढ़े सात बजे अलीगढ़ से कमिश्नर गौरव दयाल डीआईजी दीपक कुमार ने मौके पर पहुंच कर आंदोलनकारियों को समझाया। साथ ही, अहरिया समाज के नेता चंद्रपाल का वीडियो भी दिखाया, जिसमें वह आंदोलन खत्म करने और रेलवे ट्रैक से हटने की अपील कर रहे थे। शाम 07:40 बजे आंदोलनकारी ट्रैक से हटे। 08:20 बजे ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया। इससे जिला प्रशासन व रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली।

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