जिला अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ऐसे में होली पर रंग-गुलाल के प्रयोग से त्वचा संक्रमण का शिकार होने वाले मरीजों को निजी चिकित्सकों से परामर्श लेना पड़ेगा।
जिला अस्पताल में रोजाना करीब 100 त्वचा संबंधी रोगों से पीड़ित मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। होली के त्योहार पर रंग व गुलाल के प्रयोग से लोग त्वचा संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। इस कारण जिला अस्पताल में इसके मरीजों की संख्या भी बढ़ जाती है, लेकिन इस बार त्वचा रोग विशेषज्ञ न होने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को निराश लौटना पड़ेगा। मरीजों को या तो दूसरी बीमारियों के विशेषज्ञों से परामर्श लेना पड़ेगा या फिर निजी चिकित्सक को दिखाना पड़ेगा।
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इन बातों का रखें ख्याल-
- होली खेलने से पहले शरीर पर नारियल का तेल लगा लें
- चेहरे, बाल और हाथ की त्वचा में वार्निस लगाने से बचें
- प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलें
- हरे व बैंगनी रंगों से होली खेलने से परहेज करें
- गर्मी के मौसम में त्वचा को सूखी रखें
- गर्मी के दिनों में भरपूर पानी पीते रहें।
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वर्जन-
जिला अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। होली के त्योहार पर त्वचा संबंधी रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। अन्य फिजीशियन इन मरीजों का उपचार कर देते हैं। हमारा प्रयास है कि कोई भी मरीज अस्पताल से बिना उपचार या परामर्श के न लौटे।
- डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल हाथरस।