विभाग के एक बड़े अधिकारी के चालक को अक्तूबर माह में ही रिकवरी का नोटिस जारी हो चुका है। यह नोटिस अधिकारी की निजी कार में तेल पड़वाने को लेकर था, लेकिन बाद में यह लेटर फाइल में दब गया और जांच का एंगल ही मोड़ दिया गया। इस गाड़ी की लॉग बुक चेक हुई थी, जिस पर संबंधित अधिकारी ने चालक को फटकार भी लगाई थी, लेकिन बाद में अधीनस्थ कर्मचारियों ने सांठ-गांठ कर वह मामला रफादफा कर दिया। अधिकारियों सहित यहां कुल आठ वाहन है, जिनमें डीजल डलता है। इनकी लॉग बुक जांच में बड़ा खेल उजागर हो सकता है।
कोल्ड चेन के लिए आए थे आठ जनरेटर
लगभग दस साल पहले तत्कालीन सीएमओ डा. आरपी सिंह के कार्यकाल में जनपद की सभी कोल्ड चेन के लिए आठ जनरेटर खरीदे गए थे। जो कि 25 केवीए के थे। सात जनरेटर सात सीएचसी पर लगे हुए हैं। एक यहां की कोल्ड चेन के लिए आया था, लेकिन पहले से ही यहां 15 केवीए का जनरेटर होने के कारण इसे सीएमओ कार्यालय पहुंचा दिया गया। इसके बाद वह जेनरेटर खराब पड़ा है। अगर सीएचसी पर लगे जेनरेटर की भी लॉग बुक चेक की जाती है तो उसमें भी खामियां मिलेंगी।