जिले में आठ कोल्ड चेन हैं। सात सीएचसी के अलावा एक जिला अस्पताल परिसर में है। मुख्यालय की कोल्ड चेन को छोड़कर अन्य सभी कोल्ड चेन का चार्ज स्वास्थ्य विभाग के स्थायी कर्मचारियों पर है, जिला अस्पताल में बनी कोल्ड चेन 2002 में स्थापित हुई थी। इसके बाद वर्ष 2008 में यह कोल्ड चेन महिला अस्पताल के सामने नए भवन में शिफ्ट हो गई, तभी से हैंडलर धर्म सिंह यहां तैनात है। यही वजह है कि विभाग में उसकी अच्छी पकड़ है।
डीआईओ ने भी टोका
डिप्टी सीएमओ डा. एमआई आलम ने लगभग ढाई महीने पहले जिला प्रतिरक्षण अधिकारी का चार्ज लिया है। जानकारी के अनुसार उनके कुर्सी पर बैठते ही धर्म सिंह 20 लीटर की पर्ची लेकर पहुंच गया। एक हफ्ते बाद वह फिर 20 लीटर की पर्ची लेकर पहुंचा। दस दिन बाद वह 40 लीटर की पर्ची लेकर पहुंचा तो उन्हें शक हुआ। इस पर उन्होंने ओढ़पुरा फीडर से लोड वितरण लाने के लिए कह दिया, तब से अब तक वह उनके पास पर्ची लेकर नहीं आया।
जेनरेटर की हो गई सफाई
खबर में कोल्ड चेन के जिस जेनरेटर का फोटो प्रकाशित है। शुक्रवार की सुबह उसकी सफाई हो गई। बृहस्पतिवार तक जेनरेटर पर धूल जमी थी और साफ था कि वह काफी समय से नहीं चला है। शुक्रवार को जेनरेटर की सफाई से साफ है कि कई महीनों से इसमें तेल डालने की आवश्यकता नहीं पड़ी। जेनरेटर की सफाई भी डीजल के खेल की खुलासा कर रही है।
पिछले वर्ष तक पूर्व चेयरमेन के पेट्रोल पंप से तेल आता था। इस साल से आगरा रोड स्थित पेट्रोल पंप से अनुबंध किया गया। विभागीय कर्मचारियों के अनुसार भुगतान समय से न होने के कारण अब दो माह से इस पंप से भी स्वास्थ्य विभाग को तेल नहीं मिल रहा। अधिकारी अपने स्तर से गाड़ियों में तेल की व्यवस्था कर रहे हैं।
सीएमओ की विदाई के बीच घोटाले की चर्चा
सीएमओ डा. मंजीत सिंह की शुक्रवार को विदाई थी। इधर डीजल में हुए घाेटाले के मामला उजागर हो गया। शुक्रवार को अधिकारी भले ही सीएमओ की विदाई में व्यस्त रहे, लेकिन विभाग में यह घोटाला चर्चा का विषय रहा। इस कारण भी मामले में गठित जांच समिति शुक्रवार को जांच की शुरुआत नहीं कर सकी। बहराल जांच की दिशा यही है। सारी डीजल पर्चियां एकत्रित कर लोड से मिलान किया जाएगा।