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हाथरस जिला अस्पताल: कोल्ड चेन स्टोर के लिए 24 घंटे बिजली की आपूर्ति, फिर कहां फूंक दिया 39 हजार लीटर डीजल

Sat, 01 Nov 2025 05:29 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

हाथरस में सीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर से डीजल खरीदे जाने का मामला बृहस्पतिवार को उस समय सामने आया, जब नवंबर 2024 से फरवरी 2025 तक का भुगतान नहीं होने पर पेट्रोल पंप संचालक सीएमओ कार्यालय पहुंचे। यह डीजल कहां खपाया गया, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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कोल्ड चैन कक्ष में लगा जनरेटर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस जिला अस्पताल स्थित कोल्ड चेन स्टोर के लिए 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था है, इसके बाद भी यहां जेनरेटर चलाने के नाम पर 11 साल में 39 हजार लीटर डीजल खरीदा गया। जांच समिति इसी दिशा में आगे बढ़ेगी। हैंडलर के कार्यकाल में अब तक मंगाए गए तेल की जांच ओढ़पुरा बिजली घर से जारी लोड से की जाएगी, जिससे तेल की खपत का पता लगाया जा सके।

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हाथरस में सीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर से डीजल खरीदे जाने का मामला बृहस्पतिवार को उस समय सामने आया, जब नवंबर 2024 से फरवरी 2025 तक का भुगतान नहीं होने पर पेट्रोल पंप संचालक सीएमओ कार्यालय पहुंचे। यह डीजल कहां खपाया गया, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, जिला अस्पताल को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति देने के लिए वर्ष 2014 में एक अलग फीडर बनाया गया था, जिसकी क्षमता 590 केवीए है। यहां तीन ट्रांसफार्मर लगे हैं। बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार ट्रिप टाइम केवल पांच से सात मिनट का होता है। साल-छह महीने में बंदर या किसी अन्य वजह से फॉल्ट भी हो जाए तो एक से दो घंटे में आपूर्ति सुचारू कर दी जाती है।

इसके बाद 40 लीटर से लेकर 60 लीटर तक की पर्चियां पेट्रोल पंप पर पहुंच रही थीं। प्रारंभिक छानबीन में सामने आया है कि एक महीने में इस तरह लगभग 300 लीटर डीजल की पर्ची बनती थी। इन पर्चियों में सीएमओ की मुहर लगाकर हस्ताक्षर में एम बनाया जाता था। इस तरह 11 साल में 39 हजार लीटर डीजल की खपत दर्शायी गई है। हैरानी की बात है कि अब तक हुए ऑडिट में सब ठीक मिला और किसी ने इस पर आपत्ति नहीं की।

पूरे मामले की जानकारी की जाएगी, आज ही चार्ज लिया है। मामले की गठित जांच समिति से पूरी रिपोर्ट ली जाएगी। दोषी पाया जाता है, तो कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. राजीव राय, प्रभारी सीएमओ

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कोल्ड चेन व्यवस्था

जिले में आठ कोल्ड चेन हैं। सात सीएचसी के अलावा एक जिला अस्पताल परिसर में है। मुख्यालय की कोल्ड चेन को छोड़कर अन्य सभी कोल्ड चेन का चार्ज स्वास्थ्य विभाग के स्थायी कर्मचारियों पर है, जिला अस्पताल में बनी कोल्ड चेन 2002 में स्थापित हुई थी। इसके बाद वर्ष 2008 में यह कोल्ड चेन महिला अस्पताल के सामने नए भवन में शिफ्ट हो गई, तभी से हैंडलर धर्म सिंह यहां तैनात है। यही वजह है कि विभाग में उसकी अच्छी पकड़ है।

डीआईओ ने भी टोका
डिप्टी सीएमओ डा. एमआई आलम ने लगभग ढाई महीने पहले जिला प्रतिरक्षण अधिकारी का चार्ज लिया है। जानकारी के अनुसार उनके कुर्सी पर बैठते ही धर्म सिंह 20 लीटर की पर्ची लेकर पहुंच गया। एक हफ्ते बाद वह फिर 20 लीटर की पर्ची लेकर पहुंचा। दस दिन बाद वह 40 लीटर की पर्ची लेकर पहुंचा तो उन्हें शक हुआ। इस पर उन्होंने ओढ़पुरा फीडर से लोड वितरण लाने के लिए कह दिया, तब से अब तक वह उनके पास पर्ची लेकर नहीं आया।

जेनरेटर की हो गई सफाई
खबर में कोल्ड चेन के जिस जेनरेटर का फोटो प्रकाशित है। शुक्रवार की सुबह उसकी सफाई हो गई। बृहस्पतिवार तक जेनरेटर पर धूल जमी थी और साफ था कि वह काफी समय से नहीं चला है। शुक्रवार को जेनरेटर की सफाई से साफ है कि कई महीनों से इसमें तेल डालने की आवश्यकता नहीं पड़ी। जेनरेटर की सफाई भी डीजल के खेल की खुलासा कर रही है।
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दो महीने से नहीं मिल रहा डीजल

पिछले वर्ष तक पूर्व चेयरमेन के पेट्रोल पंप से तेल आता था। इस साल से आगरा रोड स्थित पेट्रोल पंप से अनुबंध किया गया। विभागीय कर्मचारियों के अनुसार भुगतान समय से न होने के कारण अब दो माह से इस पंप से भी स्वास्थ्य विभाग को तेल नहीं मिल रहा। अधिकारी अपने स्तर से गाड़ियों में तेल की व्यवस्था कर रहे हैं। 

सीएमओ की विदाई के बीच घोटाले की चर्चा
सीएमओ डा. मंजीत सिंह की शुक्रवार को विदाई थी। इधर डीजल में हुए घाेटाले के मामला उजागर हो गया। शुक्रवार को अधिकारी भले ही सीएमओ की विदाई में व्यस्त रहे, लेकिन विभाग में यह घोटाला चर्चा का विषय रहा। इस कारण भी मामले में गठित जांच समिति शुक्रवार को जांच की शुरुआत नहीं कर सकी। बहराल जांच की दिशा यही है। सारी डीजल पर्चियां एकत्रित कर लोड से मिलान किया जाएगा।
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