राज्य कर विभाग की ओर से पान मसाला व तंबाकू निर्माता फैक्टरियों की निगरानी शुरू कराए जाने का असर अब इनके उत्पादन पर भी दिख रहा है। फैक्टरियों में उत्पादन घटा दिया गया है, जिससे बाजार में पान मसाला और तंबाकू की आवक कम हो गई है। खुदरा बाजार में इनकी कालाबाजारी शुरू हो गई है।
खुदरा बाजार में पांच रुपये वाला पान मसाले का पाउच तंबाकू सहित छह से सात रुपये का दिया जा रहा है, जबकि 10 रुपये के पाउच की कीमत 15 रुपये तक पहुंच गई है। इसका असर इनके शौकीनों की जेब पर पड़ रहा है। बाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक उत्पादक फर्म से माल की आपूर्ति सुचारू नहीं होगी, तब तक कालाबाजारी होती रहेगी।
घास की मंडी के दुकानदार सोनवीर का कहना है कि अभी तक वह पांच रुपये वाले पाउच का पूरा पैकेट खरीद लेते थे, जिसमें एक पाउच साढ़े चार रुपये का मिलता था। अब कोई भी पैकेट देने को तैयार नहीं है। 15 रुपये के दो पाउच मिल रहे हैं। आगरा रोड के विक्रेता रामू का कहना है कि 10 रुपये वाला पाउच 15 रुपये में मिल रहा है। हमारा खर्चा बढ़ गया है।