जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने जमालनगर स्थित मां पार्वती शीतगृह के संचालक को किसान का बकाया भुगतान करने का आदेश दिया है। पीड़ित किसान को आलू की बकाया कीमत के रूप में 13.66 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। मानसिक उत्पीड़न के लिए 5000 रुपये और वाद-व्यय के रूप में 3000 रुपये अतिरिक्त देने का भी आदेश दिया गया है।
सादाबाद के गांव हुलासी गढ़ी निवासी किसान राकेश चौधरी ने मार्च और अप्रैल 2022 में मां पार्वती शीतगृह प्रा. लि. में 5,659 पैकेट आलू भंडारित कराए थे। आरोप है कि शीतगृह प्रबंधन ने धोखाधड़ी कर उनके आलू वापस नहीं किए। किसान को केवल 502 पैकेट आलू ही वापस मिले। 5,157 पैकेट शीतगृह में ही रह गए। किसान ने शीतगृह प्रबंधन के खिलाफ सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार का आरोप लगाते हुए दिसंबर 2023 में उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
शीतगृह के संचालक मोतीलाल यादव ने आयोग के समक्ष खुद को बचाने की कई दलीलें दीं। उनका कहना था कि शिकायतकर्ता किसान नहीं बल्कि एक व्यापारी है। उन्हें संचालक पद से हटा दिया गया है और शीतगृह को बेच दिया गया है। आयोग ने इन तर्कों को निराधार माना। आयोग ने पाया कि आलू भंडारण के समय मोतीलाल यादव ही संचालक थे, स्टॉक रिपोर्ट में भी 5,659 पैकेट होना साबित हुआ।
उपभोक्ता आयोग ने कहा है कि विपक्षी को पूरी धनराशि आदेश जारी होने के एक महीने के भीतर किसान को सौंपनी होगी। यदि तय समय सीमा के अंदर आदेश का पालन नहीं किया गया, तो परिवाद दायर करने की तिथि से लेकर वास्तविक भुगतान के दिन तक सात प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।