शहर के बाजार में बिकता प्याज। संवाद
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त्योहारों के सीजन से ठीक पहले टमाटर के बाद अब प्याज के दाम भी आम लोगों के आंसू निकाल रहे हैं। मुख्य उत्पादक राज्यों से आवक घटने के कारण स्थानीय बाजार में प्याज की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। थोक मंडियों से लेकर फुटकर बाजार तक प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
बाजार से मिले आंकड़ों के मुताबिक थोक मंडी में प्याज 50 से 52 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिक रहा है, जबकि परचून व फुटकर बाजारों तक पहुंचते-पहुंचते इसके दाम 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। थोक कारोबारी अयूब कुरैशी का कहना है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में हुई भारी बारिश के कारण प्याज की फसल प्रभावित हुई है और मंडियों में आवक काफी कम हो गई है। अब सभी को नई फसल के बाजार में आने का इंतजार है, जिसके बाद ही कीमतों में राहत की उम्मीद की जा सकती है।
रसोई से लेकर चाट के ठेलों तक घटा प्रयोग
प्याज की महंगी दरों का सीधा असर आम गृहिणियों के रसोई के बजट पर देखने को मिल रहा है। तड़के और सलाद के लिए अनिवार्य माने जाने वाले प्याज का इस्तेमाल अब सोच-समझकर किया जा रहा है। घरों के अलावा होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में भी सिरके वाले प्याज व मुफ्त सलाद में कटौती की गई है। शहर में जगह-जगह मिलने वाली भेलपूरी, छोले-भटूरे और चाट के ठेलों पर विक्रेताओं ने ग्राहकों को दिए जाने वाले कटे प्याज की मात्रा में भी कटौती कर दी है। कारोबारी फिरोज का कहना है कि जब तक आवक सामान्य नहीं होती, तब तक दामों में नरमी आने की संभावना कम ही है।