अब निर्धारित से अधिक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ता बिजली महकमे के निशाने पर हैं। ऐसे उपभोक्ताओं की निगम स्तर से निगरानी की जा रही है। एनर्जी ऑडिट की रिपोर्ट से उपभोक्ताओं का मिलान का कार्य किया जा रहा है। जिस उपभोक्ता के लोड में खामी मिलेगी, उसका भार बढ़ाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग द्वारा 64 बिजलीघरों के जरिये दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। बिजली विभाग जिस हिसाब से बिजली की आपूर्ति कर रहा है, उस हिसाब से बिजली विभाग को बिल नहीं मिल पा रहा है। इस कारण अधिकारी परेशान हैं। पूर्व में एनर्जी ऑडिट किया गया।
अब निगम स्तर से ऐसे उपभोक्ताओं की पड़ताल की जा रही है। जिनका भार कम है और बिजली का उपभोग अधिक कर रहे हैं। इन उपभोक्ताओं को भार निगम स्तर से ही बढ़ाया जाएगा, ताकि बिजली खपत का सही आंकलन हो सके। अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह का कहना है कि निगम स्तर से उपभोक्ताओं का भार जांचा जा रहा है। यदि किसी उपभोक्ता कम निकला तो उसे बढ़ाया जाएगा।