आढ़त में ज्यादा भाव मिलने से गेहूं की सरकारी खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। वर्तमान में प्रति क्विंटल लगभग 50 रुपये का अंतर है, दूसरा आढ़त पर किसानों को नकद भुगतान मिल रहा है। इन्हीं कारणों से जिले में गेहूं की सरकारी खरीद कम हो रही है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने छह केंद्र प्रभारियों को नोटिस जारी कर खरीद बढ़ाने का निर्देश दिया है।
इस वर्ष जिले में करीब 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल थी। किसान अपनी उपज बेचने में जुटे हैं। जिले में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए 64 सरकारी क्रय केंद्र हैं। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2450 रुपये प्रति क्विंटल है। इस समय आढ़ती 2500 रुपये क्विंटल में गेहूं खरीद रहे हैं। यही कारण है कि गेहूं की सरकारी खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अभी तक जिले में करीब सात हजार एमटी गेहूं की खरीद हो सकी है। खरीद का लक्ष्य 35,500 एमटी है। खरीद की रफ्तार धीमी होने के कारण जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने छह केंद्र प्रभारियों को नोटिस जारी करते हुए खरीद में तेजी लाने की हिदायत दी है।
इन प्रभारियों को जारी हुए नोटिस
खाद्य विभाग के हाथरस मंडी प्रथम व द्वितीय के केंद्र प्रभारी को नोटिस दिया गया है। इसके साथ ही पीसीएफ के पटाखास, लहरा, मांगरू व रतनगढ़ी केंद्र प्रभारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
बयान
गेहूं की खरीद कम होने के कारण छह क्रय केंद्र प्रभारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन प्रभारियों को खरीद में तेजी लाने की हिदायत दी गई है।
-शिशिर कुमार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, हाथरस।