अमर उजाला ने 7 नवंबर के अंक में चिकित्सा कचरे के निस्तारण के संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी के चलते जिले में 6.6 टन चिकित्सा कचरा खुले में फेंका जा रहा है।
चिकित्सा कचरे के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले हाथरस में प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। डिप्टी सीएमओ ने स्थलीय निरीक्षण के बाद दो प्राइवेट अस्पताल व एक क्लीनिक को नोटिस भेजा है। छानबीन के बाद अन्य पर भी कार्रवाई की संभावना है।
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अमर उजाला ने 7 नवंबर के अंक में चिकित्सा कचरे के निस्तारण के संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी के चलते जिले में 6.6 टन चिकित्सा कचरा खुले में फेंका जा रहा है। टेंडर मथुरा की कंपनी को मिलने के बाद भी ये अस्पताल इनसे सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं कर रहे, जिससे इनके यहां से कचरा नहीं उठाया जा रहा है।
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इन अस्पतालों के सफाई कर्मी कूड़े के ढेर पर ही इंजेक्शन, सिरिंज, गंदे कपड़े आदि सामान डाल देते हैं। सफाई कर्मचारी मजूदर संघ के अध्यक्ष उमेश चंचल ने भी इस पर आपत्ति जताई है। खबर छपने के बाद 8 दिसंबर को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डाॅ. एमआई आलम ने आगरा रोड स्थित अस्पताल तथा अलीगढ़ रोड पर जिला अस्पताल के सामने स्थित अस्पतालों के बाहर निरीक्षण किया। यहां ढेर पर पड़े कूड़े की स्थिति देखी। डाॅ. आलम ने बताया कि संबंधित अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए हैं।