हाथरस की सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में 1935 ऐसे मतदाताओं के नाम सामने आए हैं, जिनके वोट दो जगह हैं। इन सभी मतदाताओं को तहसील द्वारा नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके बाद मतदाताओं को अपनी सुविधा अनुसार किसी एक बूथ से अपना नाम कटवाने के लिए संबंधित बीएलओ को आवेदन देना होगा।
चुनाव आम हो या खास, छोटा हो या बड़ा, अक्सर किसी न किसी बूथ पर फर्जी मतदान की सूचना मिल ही जाती है। इस तरह की अफवाह और सूचनाओं पर विराम लगाने के लिए इस बार चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश दिए हैं। लिहाजा इस बार विधानसभा क्षेत्र के करीब तीन हजार ऐसे मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिनके नाम दो जगह दर्ज हैं।
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चुनाव आयोग के निर्देश पर मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। प्रत्येक बूथ पर बीएलओ नए वोटर बनाने के साथ-साथ नाम और पते में सुधार, मतदाता सूची से नाम हटाने आदि के कार्य कर रहे हैं। बीएलओ द्वारा उपलब्ध कराई जा रही जानकारी चुनाव आयोग की वेबसाइट और कंप्यूटर में दर्ज की जा रही है।
इस दौरान सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में 1935 ऐसे मतदाताओं के नाम सामने आए हैं, जिनके वोट दो जगह हैं। ऐसा कहा जा सकता है कि इन वोटरों को दो जगह वोट डालने का विकल्प है, जो संवैधानिक रूप से और चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार अनुचित है। ऐसे मदाताओं को नाम, पिता का नाम, पता और फोटो के आधार पर सूचीबद्ध किया गया है।
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इन सभी मतदाताओं को तहसील द्वारा नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके बाद मतदाताओं को अपनी सुविधा अनुसार किसी एक बूथ से अपना नाम कटवाने के लिए संबंधित बीएलओ को आवेदन देना होगा। इससे कि किसी तरह से फर्जी वोटिंग की संभावना को खत्म किया जा सके। कई बार मतदाता दो बूथ पर नाम होने के चलते दो-दो बार मतदान करने में सफल हो जाते हैं। एसडीएम मनीष कुमार ने बताया है कि मतदान को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग के निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है।