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Hathras News: दाऊजी मेला ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज, नहीं किए 88 लाख रुपये जमा

Thu, 30 Nov 2023 01:11 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

हाथरस के दाऊजी महाराज मेला के ठेकदार के खिलाफ प्रशासन की ओर से धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। 88 लाख रुपये जमा न करने पर यह कार्रवाई की गई है।
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एफआईआर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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ब्रज क्षेत्र के लक्खी मेला श्रीदाऊजी महाराज के ठेकेदार के खिलाफ 88 लाख रुपये जमा न करने के मामले में तहसीलदार सदर ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। प्रशासन की ओर से मेले का ठेका 1.16 करोड़ रुपये में उठाया था।

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तहसीलदार सदर चंद्रप्रकाश सिंह ने मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा है कि मेले का ठेका मेसर्स सिंह कंस्ट्रक्शन एंड कंपनी के मालिक रवेंद्र सिंह निवासी आनंद विहार बरौली अहीर आगरा ने आठ सितंबर 2023 को एक करोड़ सोलह लाख पांच हजार रुपये में जीएसटी सहित लिया था। उन्होंने कहा कि ई- निविदा पोर्टल के जरिये रवेंद्र सिंह को मेला तहबाजारी का ठेका दिया गया था।

ठेका नीलामी की शर्तों के मुताबिक उच्चतम बोलीदाता को तुरंत ही नीलामी की 50 प्रतिशत धनराशि जमा करनी थी। शेष 50 फीसदी धनराशि 15 दिन के अंदर जमा करनी थी, लेकिन फर्म के संचालक ने एक करोड़ सोलह लाख पांच हजार रुपये का भुगतान तय समय अवधि के तहत नहीं किया। बैंक विवरण के अनुसार ठेकेदार ने मात्र 28 लाख रुपये ही जमा किए। शेष 88 लाख पांच हजार रुपये की धनराशि बकाया है।
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उन्होंने कहा है कि ठेकेदार द्वारा ठेके के जरिये काफी राशि वसूली जा चुकी है मगर ठेके की धनराशि जमा नहीं की है। कोतवाली प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि प्रशासन की ओर से मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से हमारे साथ कोई अनुबंध नहीं किया गया था, फिर भी हमने मेले का आयोजन किया। पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर डाली गई निविदा के आधार पर हम पूरा भुगतान करने के लिए तैयार हैं। हमने एक करोड़ 16 लाख पांच हजार रुपये में टेंडर लिया था। टेंडर के अनुसार 52 लाख 65 हजार रुपये टेंट व लाइट आदि पर खर्च हुए। 28 लाख रुपये का प्रशासन को भुगतान किया गया। पांच लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट पहले ही मौजूद है। 20 लाख 88 हजार 900 हम जीएसटी जमा कर रहे हैं। शेष नौ लाख 51 हजार हम देने के लिए तैयार हैं, लेकिन प्रशासन नहीं ले रहा। -रविन्द्र चौधरी, मेला ठेकेदार

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