मुख्य सचिव के निर्देशों पर होगी कार्रवाई : बीएसए
मुख्य सचिव स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में कम से कम दो सहायक अध्यापकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, लेकिन जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का पालन होता नजर नहीं आ रहा है। बीएसए स्वाति भारती ने बताया कि अधिकांश स्कूलों में सहायक अध्यापकों की नियुक्ति की जा चुकी है, जहां नहीं है वहां भी जल्द ही शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। शहरी क्षेत्र के स्कूलों में जल्द ही सहायक अध्यापकों की तैनाती की जाएगी।
केस-01
दो शिक्षामित्रों के हवाले स्कूल
शहर से लगे गांव नगला भोजा के संविलियन विद्यालय में इस समय करीब 77 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए यहां मात्र दो शिक्षा मित्र ही तैनात हैं। ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां किस तरह से पढ़ाई हो रही होगी।
केस-02
चामड़ गेट विद्यालय में सहायक अध्यापक नहीं
शहर के बीचों-बीच स्थित संविलियन विद्यालय चामड़ गेट में करीब 39 बच्चे पंजीकृत है, लेकिन यहां सहायक अध्यापक एक भी नहीं हैं। तीन शिक्षा मित्र ही तैनात हैं, यहां की सारी जिम्मेदारियां शिक्षा मित्र ही पूरी कर रहे हैं।
केस-03
सिकंदराराऊ में नहीं हैं शिक्षक
सिकंदराराऊ के नौरंगाबाद पश्चिमी प्राथमिक विद्यालय की स्थिति और अधिक खराब है। यहां शिक्षा मित्रों की भी तैनाती नहीं है। 69 छात्र-छात्राएं पंजीकृत होने के बाद भी शिक्षक नहीं हैं। इस विद्यालय की जिम्मेदारी एक मात्र अनुदेशक मोहम्मद दानिश ने संभाल रखी है।
केस-04
विद्यालय में केवल एक अनुदेशक
सिकंदराराऊ के नौरंगाबाद पूर्वी परिषदीय विद्यालय में वर्तमान में 70 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। पड़ताल के दौरान पता चला कि यहां सिर्फ एक अनुदेशक शैलेंद्र कुमार ही पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।