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हाथरस के परिषदीय विद्यालय: 19 स्कूल में 1200 बच्चे, एक भी सहायक अध्यापक नहीं, पढ़ा रहे शिक्षामित्र-अनुदेशक

Thu, 07 May 2026 12:33 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

जब शिक्षा मित्रों या अनुदेशकों को अन्य शासकीय कार्यों जैसे एसआईआर, सर्वे, चुनाव ड्यूटी या अन्य प्रशासनिक कार्य में लगाया जाता है, तो विद्यालयों में पढ़ाई पूरी तरह ठप हो जाती है। 
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सिकंदराराऊ के मोहल्ला नौरंगाबाद स्थित विद्यालय में में पढ़ते बच्चे - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस नगर क्षेत्र के 19 परिषदीय विद्यालयों के 1200 विद्यार्थियों की पढ़ाई शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के सहारे रह गई है। प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल के सख्त निर्देशों के बाद भी इन स्कूलों में दो-दो सहायक अध्यापकों की तैनाती अब तक नहीं हुई है। शैक्षिक सत्र 2026-27 शुरू हुए 38 दिन बीत चुके हैं, लेकिन बीते कुछ वर्षों से इन विद्यालयों के हालात जस के तस हैं।

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संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में यह चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। हाथरस नगरीय क्षेत्र के करीब 17 विद्यालय ऐसे हैं, जहां नियमित सहायक अध्यापकों के अभाव में शिक्षण कार्य मुख्य रूप से शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के भरोसे चल रहा है। सिकंदराराऊ के दो नगरीय स्कूलों को अनुदेशकों के भरोसे छोड़ दिया गया है। वर्षों से स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति न होने के कारण इन स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

इससे भी चिंताजनक बात यह है कि जब शिक्षा मित्रों या अनुदेशकों को अन्य शासकीय कार्यों जैसे एसआईआर, सर्वे, चुनाव ड्यूटी या अन्य प्रशासनिक कार्य में लगाया जाता है, तो विद्यालयों में पढ़ाई पूरी तरह ठप हो जाती है। पड़ताल में यह भी सामने आया कि औपचारिकता पूरी करने के लिए एक-एक शिक्षक को दो से चार विद्यालयों का अतिरिक्त प्रभार दे दिया जाता है। ऐसे शिक्षक नियमित रूप से किसी एक विद्यालय में उपस्थित नहीं रह पाते। जिससे उनकी तैनाती का उद्देश्य अधूरा रह जाता है।
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इंटर कॉलेज के वरिष्ठ सेवानिवृत्त शिक्षक नरेश चंद्र गुप्ता का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक है कि रिक्त पदों पर जल्द ही शिक्षकों की नियुक्तियां की जाएं। विद्यालयों में नियमित शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों का भविष्य संवारा जा सके।

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मुख्य सचिव के निर्देशों पर होगी कार्रवाई : बीएसए
मुख्य सचिव स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में कम से कम दो सहायक अध्यापकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, लेकिन जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का पालन होता नजर नहीं आ रहा है। बीएसए स्वाति भारती ने बताया कि अधिकांश स्कूलों में सहायक अध्यापकों की नियुक्ति की जा चुकी है, जहां नहीं है वहां भी जल्द ही शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। शहरी क्षेत्र के स्कूलों में जल्द ही सहायक अध्यापकों की तैनाती की जाएगी।

केस-01
दो शिक्षामित्रों के हवाले स्कूल
शहर से लगे गांव नगला भोजा के संविलियन विद्यालय में इस समय करीब 77 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए यहां मात्र दो शिक्षा मित्र ही तैनात हैं। ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां किस तरह से पढ़ाई हो रही होगी।

केस-02
चामड़ गेट विद्यालय में सहायक अध्यापक नहीं

शहर के बीचों-बीच स्थित संविलियन विद्यालय चामड़ गेट में करीब 39 बच्चे पंजीकृत है, लेकिन यहां सहायक अध्यापक एक भी नहीं हैं। तीन शिक्षा मित्र ही तैनात हैं, यहां की सारी जिम्मेदारियां शिक्षा मित्र ही पूरी कर रहे हैं।

केस-03
सिकंदराराऊ में नहीं हैं शिक्षक

सिकंदराराऊ के नौरंगाबाद पश्चिमी प्राथमिक विद्यालय की स्थिति और अधिक खराब है। यहां शिक्षा मित्रों की भी तैनाती नहीं है। 69 छात्र-छात्राएं पंजीकृत होने के बाद भी शिक्षक नहीं हैं। इस विद्यालय की जिम्मेदारी एक मात्र अनुदेशक मोहम्मद दानिश ने संभाल रखी है।

केस-04
विद्यालय में केवल एक अनुदेशक

सिकंदराराऊ के नौरंगाबाद पूर्वी परिषदीय विद्यालय में वर्तमान में 70 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। पड़ताल के दौरान पता चला कि यहां सिर्फ एक अनुदेशक शैलेंद्र कुमार ही पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
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