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Janganana: डिजिटल जनगणना आज से शुरू, मोबाइल-लैपटॉप से घर बैठे कर सकेंगे स्व-गणना, पूछे जाएंग 33 सवाल

Thu, 07 May 2026 10:14 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

इस बार सर्वे में मुख्य रूप से 33 बिंदुओं पर रिपोर्ट ली जाएगी। इसमें परिवार के रहन-सहन के स्तर को मापने के लिए महत्वपूर्ण सवाल शामिल होंगे। सात से 21 मई के बीच सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं द्वारा स्व-गणना का कार्य किया जाएगा।
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नागरिक जनगणना पोर्टल पर स्व-गणना पर क्लिक कर होगी स्व-गणना - फोटो : censusindia.gov.in आधिकारि वेबसाइट
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विस्तार
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हाथरस जिले में जनगणना-2027 की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। 7 मई यानी आज से जिले के कोने-कोने में सर्वेयर दस्तक देंगे। जनगणना कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए जिले में 3,124 सर्वेयर (एनुमरेटर) और 530 सुपरवाइजरों की तैनाती की गई है। इन सभी को प्रशिक्षित करने के लिए 56 फील्ड ट्रेनर तैयार किए गए हैं।

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इस बार की जनगणना आधुनिक तकनीक से लैस होगी। इसमें मोबाइल एप के जरिये डिजिटल आंकड़े जुटाए जाएंगे। आज से ही जिले में स्व गणना को चरणबद्ध तरीके से शुरू कराया जाएगा। सात से 21 मई के बीच सभी सर्वेयरों की आईडी जनरेट की जाएगी, जिससे वे मोबाइल एप पर डेटा फीड कर सकेंगे।

जनगणना की जिला प्रभारी स्मृति गौतम ने बताया कि इस बार सर्वे में मुख्य रूप से 33 बिंदुओं पर रिपोर्ट ली जाएगी। इसमें परिवार के रहन-सहन के स्तर को मापने के लिए महत्वपूर्ण सवाल शामिल होंगे। सात से 21 मई के बीच सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं द्वारा स्व-गणना का कार्य किया जाएगा।

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आप इस तरह कर सकेंगे स्व गणना
नागरिक जनगणना पोर्टल https://se.census.gov.in/ पर जाकर अपना पंजीकरण करेंगे। परिवार के मुखिया का नाम और 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। एक मोबाइल नंबर से केवल एक परिवार का ही पंजीकरण संभव होगा। कोई भी व्यक्ति देश में कहीं से भी स्वयं या अपने परिवार के सदस्यों की स्व-गणना कर सकता है।

पोर्टल पर भाषा चयन के बाद जिला, पिन कोड, गांव अथवा शहर की जानकारी भरनी होगी। मानचित्र पर लाल संकेतक के माध्यम से अपने आवास का सटीक स्थान चिह्नित करना होगा। इसके बाद मकान सूचीकरण से जुड़े प्रश्नों का पृष्ठ खुलेगा, जिसमें भवन के उपयोग, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, स्वामित्व, जल, विद्युत, शौचालय, खाना पकाने के ईंधन से संबंधित सवालों के जवाब देने होंगे। इसके साथ ही रेडियो, टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल फोन और वाहन जैसी कुल 33 प्रकार की जानकारियां दर्ज करनी होंगी। अंतिम सब्मिट के बाद 11 अंकों की पंजीकरण संख्या मोबाइल पर प्राप्त होगी, जिसे मकान गणना के समय प्रगणक को उपलब्ध कराना होगा।

2001 से 2011 के बीच 18.56 प्रतिशत की दर से बढ़ी आबादी
वर्ष 2001 से 2011 के बीच हाथरस जिले की आबादी 18.56 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। वर्ष 2011 में जिले की कुल जनसंख्या 15,64,708 थी। इसमें 8,36,127 पुरुष और 7,28,581 महिलाएं शामिल थीं। इससे पहले वर्ष 2001 में जनसंख्या लगभग 13,36,031 थी। इस एक दशक में जिले की आबादी लगभग 18.56% की दर से बढ़ी। इससे पहले वर्ष 1991 की जनगणना के अनुसार जिले की आबादी लगभग 11,27,000 थी। दशकीय वृद्धि (1981-1991) लगभग 22.6% थी। वर्ष 1981 की जनगणना के अनुसार हाथरस शहरी क्षेत्र की जनसंख्या लगभग एक लाख से अधिक (नगर पालिका क्षेत्र) थी। उस वक्त हाथरस अलीगढ़ जनपद का हिस्सा था। 
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