रविवार को दो समुदाय के मध्य हुए पथराव एवं मारपीट को लेकर सोमवार को समामई गांव में पुलिस फोर्स मौजूद रहा। गांव में सन्नाटा छाया रहा। पुलिस फोर्स चप्पे-चप्पे पर मौजूद रही, ताकि गांव में अराजकता का माहौल पैदा ना हो। क्षेत्रीय लेखपाल भी गांव में ड्यूटी करते नजर आए। घटना से गांव में दहशत फैली हुई है। लोग अपने-अपने घरों में कैद हैं।
पुलिस ने रोहित की तहरीर के आधार पर मुखबिर के बताए रास्ते पर पहुंच कर घेराबंदी कर ईदगाह समामई एवं रूहल भट्टा के पास से पथराव व मारपीट करने वाले लोगों को दबोच लिया और थाने ले आई। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम अरमान पुत्र सुलेमान एवं जाकिर पुत्र मुख्तयार एवं सलमान पुत्र सुलेमान एवं साहिल पुत्र सुलेमान एवं आसिफ पुत्र इसराइल व खालिद पुत्र इसराइल व अब्दुल पुत्र इसराइल इसराइल पुत्र इस्लाम व आसिफ पुत्र इसराइल बताया है।
पुलिस ने खालिद पुत्र इसराइल को गंदे नाले की पुलिया के पास से गिरफ्तार कर जामा तलाशी ली, तो खालिद के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तमंचा एवं एक जिंदा कारतूस व एक खोखा बरामद किया। पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। शेष आरोपियों को पुलिस को अभी तलाश जारी है।
यह था मामला
झगड़े की शुरुआत रविवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे उस वक्त हुआ शुरू, जब गांव में एक दुकान पर खड़े रोहित निवासी समामई से दूसरे समुदाय के युवकों ने गाली-गलौज कर दी। रोहित ने गाली देने का विरोध किया तो आरोपियों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। रोहित किसी तरह आरोपियों से छूटकर भागा, लेकिन आरोपी लाठी-डंडे लेकर उसके पीछे भागते रहे। रोहित ने शोर मचाया तो परिवार के लोग घर से बाहर आ गए। आरोप है कि आरोपियों ने रोहित के परिजनों को भी लाठी-डंडे और ईंटों से मारना शुरू कर दिया।
पिटाई से रोहित सहित परिवार के सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दूसरे पक्ष ने भी इन लोगों को खदेड़ने के लिए पथराव शुरू कर दिया, जिससे गांव में भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई। इस बीच किसी ने पुलिस को यह सूचना दी कि गांव में पथराव हो गया है। कोतवाली प्रभारी केशवदत्त शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।