शहर में जलभराव और सीवर की समस्या से निपटने के लिए नगर पालिका परिषद ने बड़ी कार्ययोजना तैयार की है। राज्य वित्त आयोग के बजट से शहर के विभिन्न वार्डों और मुख्य मार्गों पर लगभग 7.67 करोड़ रुपये की लागत से नई सीवर और ड्रेनेज लाइनें बिछाई जाएंगी।
शहर का ड्रेनेज सिस्टम वर्ष 1950 में बना था। तब आठ किलोमीटर के क्षेत्र में अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई गई थी। इसके बाद सीवरेज पाइप लाइन भी बिछाई गई थी, तब शहर की आबादी लगभग 50 हजार थी। इतने साल में ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त हो चुका है, साथ ही आबादी बढ़ने के कारण इस सिस्टम कचरे का बोझ भी बढ़ा है।
इस समस्या को दूर करने के लिए शहर में लगभग 6.4 किलोमीटर की सीवरेज पाइप लाइन बिछाई जाएगी। तीन हजार मीटर 450 एमएम ह्यूम पाइप बिछाएगी जाएगी, जिसकी लागत लगभग 3.89 करोड़ रुपये आएगी। इसके अलावा तीन हजार मीटर 350 एमएम ह्यूम पाइप बिछेगी।
इस पर करीब 3.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा 52.53 लाख रुपये से वार्ड संख्या 12 में 400 मीटर की नई पाइप लाइन बिछाएगी जाएगी, जिसे मुरसान गेट स्थित मुख्य सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहित सिंह ने बताया कि इस कार्य से शहर के निचले इलाकों में होने वाले जलभराव से मुक्ति मिलेगी और सीवर ओवरफ्लो होने की समस्या का भी स्थायी समाधान हो सकेगा। प्रस्ताव तैयार हो चुका है। जल्द ही निविदा की प्रक्रिया पूर्ण कराकर काम शुरू कराया जाएगा।