कैलोरा स्थित राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय। स्रोत : स्वयं
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लंबे समय से जर्जर और किराये के भवनों में चल रहे चार आयुर्वेद अस्पतालों को अब अपना नया और आधुनिक ठिकाना मिल गया है। करीब 1.16 करोड़ रुपये की कुल लागत से इन अस्पतालों के भवनों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, जिन्हें अब स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर करने की तैयारी चल रही है।
जिले में आधे से अधिक अस्पताल किराये के भवन में चल रहे हैं, जिन्हें अब आयुर्वेद विभाग अपने भवनों में शिफ्ट करने की कवायद कर रहा है। पिछले वर्ष सिकंदराराऊ तहसील के तीन गांव कचौरा, बरई शाहपुर, सुजावलपुर और हाथरस तहसील के गांव कैलोरा में जमीन मिल गई थी।
तभी अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। अब चारों गांवों में भवन बनकर तैयार हैं। एक अस्पताल को बनाने में 29 लाख रुपये की लागत आई है। अब तक ये अस्पताल जीर्ण-क्षीर्ण और किराये के कमरों में संचालित हो रहे थे, जिससे मरीजों और स्टाफ दोनों को परेशानी होती थी।