नगर कीर्तन व लंगर में ज्ञानी हरपाल सिंह के अलावा संचालन ज्ञानी मंजीत सिंह व ज्ञानी उत्तम सिंह निहाल ने किया। राजेंद्र सिंह, कुलजीत सिंह, राजेश सिंह, चंद्रप्रकाश अरोड़ा, विजय भाटिया, मनोहरलाल, गिर्राज सिंह, केपी सिंह, शेर सिंह, नरेंद्र ग्रोवर, लव ग्रोवर, संदीप, करतार सिंह आदि सेवादार रहे। अध्यक्ष तजवंत कालरा की अहम भूमिका रही।
इनकी भी रही मौजूदगी
कार्यक्रम में हरवंश अरोड़ा बल्ले भाई के अलावा प्रबंध कमेटी के प्रबंधक सरदार शैलेंद्र सिंह, त्रिलोचन सिंह, हरीश आहूजा, श्याम बग्गा, नवीन सबलोक, सरदार पन्ना सिंह, अरुण कुमार मांटे, हैप्पी अरोड़ा, राजन चड्डा, अविनाश अरोड़ा, संयोजक गुरुदास मल, बसंरलाल अरोड़ा, हरवंश लाल अतरेजा, सरदार ठाकुर सिंह, सरदार शेर सिंह, सरदार सतनाम सिंह, डॉ. जगजीत सिंह, सुभाष अरोड़ा, अनिल गुलाठी, सरदार राजेंद्र सिंह, राजबहादुर सिंह, स्वागतकर्ता प्रमोद सलूजा, रामसरन नरुला, डॉ. अमित साहनी, कीर्ति मेहरा, अश्वनी सूरी, रामू अरोरा, श्याम जी, केशव मलिक, जुगेंद्र सिंह प्रधान, गोपाल दुआ, सरदार सुखदीप सिंह, संरक्षक में गुलशन कुमार सूरी, कृष्ण कुमार, डॉ. रमेश गुलाठी, विनय कपूर, कविश कालरा आदि मौजूद रहे।
विहिप ने किया नगर कीर्तन का स्वागत
प्रकाशोत्सव के अवसर पर निकाले गए नगर कीर्तन का विश्व हिंदू परिषद ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। पदाधिकारियों ने पंच प्यारों को माल्यार्पण कर एवं कार्यक्रम के संयोजक तजवंत कालरा एवं समस्त सिख संगत को पीत वस्त्र पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। जिलाध्यक्ष मुकेश सूर्यवंशी, जिला उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा, जिला समरसता प्रमुख महेश वर्मा, जिला सह समरसता प्रमुख मनोज वार्ष्णेय, नगर सहमंत्री दाऊदयाल वर्मा, विभाग पदाधिकारी वीरी सिंह, जिला सह गोरक्षा प्रमुख गौरव अग्रवाल बॉबी, गणेशलाल सूर्यवंशी एवं देवी शर्मा आदि उपस्थित रहे।