बाजार में मसालों के दाम स्थिर हैं। थोक बाजार में हल्दी 110 रुपये प्रति किलो, मिर्च 215 रुपये प्रति किलो, धनिया 100, जीरा 340 तो खुरा में हल्दी 115 से 120 रुपये, मिर्च 220 से 230 रुपये किलो, धनिया 110 रुपये, जीरा 360 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
जुलाई से ही आटा के दाम में आने लगी थी तेजी
बीते साल जुलाई में अनब्रांडेड खाद्यान्न व अन्य खाद्य पदार्थों पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाने के बाद से ही आटा, चावल के दाम बढ़ने लगे थे। उस समय अनब्रांडेड 26 से आटा चार रुपये बढ़कर 30 रुपये प्रति किलो पहुंच गया था। अब बाजार में आटा 36 से 38 रुपये प्रति किलो, मैदा 38 से 40 रुपये, सूजी 40 से 42 रुपये प्रति किलो थोक व खुदरा में बिक रहा है।
सरसों के अलावा अन्य तेल का विदेश से आयाता किया जाता है। अब एक्साइज ड्यूटी कम होकर सिर्फ पांच रुपये रह गई है। इस कारण खाद्य तेलों के दामों में गिरावट आई है। इस बार सरसों का अधिक उत्पादन है। सरसों की आवक शुरू हो गई है। होली तक तेल के दाम और गिर सकते हैं। - अनिल वार्ष्णेय, तेल उद्यमी
सरसों की फसल का अच्छा उत्पादन हुआ है। सरसों का दाम पिछले साल की अपेक्षा एक हजार रुपये प्रति क्विंटल कम है। दाम बढ़ने का इंतजार किया जा रहा है। तब ही मंडी लेकर फसल जाएंगे। ताकि सही रेट मिल सके। - भीम सिंह, किसान
सरसों के तेल के दाम कम हो गए हैं। रिफाइंड के दाम कम होने से काफी राहत मिली है। अब त्योहार आ रहा है। इसलिए खरीदारी में आसानी होगी। अब सरकार महंगाई पर जरा ध्यान दे तो अन्य खाद्य वस्तुओं के दाम कम हो। - आशू शर्मा, ग्राहक
सरसों के तेल व रिफाइंड के दाम काफी दिनों से आसमान छू रहे थे। अब दाम गिरने से रसोई के बजट में काफी राहत मिली है। अन्य खाद्य वस्तुओं आटा, मैदा के दाम कम और कम होंगे तब जाकर पूरी तरह से राहत मिलेगी। - अंजली अग्रवाल, गृहणी
सरसों का तेल सब्जी से लेकर अन्य खाने सामान बनाने में भी प्रयोग होता है। रसोई के लिए रिफाइंड बहुत अहम चीज है। अब तेल व रिफाइंड के दाम गिरने से काफी खर्चा कम हुआ है। होली पर दाम और गिरने चाहिए। - राजकुमारी दीक्षित, गृहणी