शहर में एक दुकान पर रखे तेल के टिन। संवाद
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करवाचौथ और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले जिले के खुदरा बाजार में सरसों के तेल के भाव में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिला है।
कुछ दिन पहले तक 175 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहे सरसों के तेल के दाम अब बढ़कर 185 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं। अचानक आई तेजी से आम आदमी की रसोई का बजट गड़बड़ा गया है।
कारोबारियों के मुताबिक इस तेजी के पीछे स्थानीय और वैश्विक दोनों कारण जिम्मेदार हैं। स्थानीय स्तर पर सरसों की नई फसल आने में अभी काफी समय बाकी है, जिससे मिलों के पास पुरानी सरसों का स्टॉक धीरे-धीरे कम हो रहा है।
इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे पाम ऑयल और अन्य खाद्य तेलों के दामों में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू तेल-तिलहन बाजार पर देखने को मिल रहा है।
त्योहारों के चलते मांग में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन आवक सीमित रहने के कारण भाव ऊपर की ओर भाग रहे हैं।