सांसद राजेश दिवाकर के प्रति जातिसूचक टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ घमासान अभी शांत नहीं हुआ है। सांसद समर्थक खेमा इस मामले में जिलाध्यक्ष के खिलाफ लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए है, जबकि अभी तक शांत बैठा जिलाध्यक्ष का खेमा भी सांसद के खिलाफ तल्ख हो गया है।
मामला प्रदेश नेतृत्व तक भी पहुंच चुका है। लिहाजा वहां से इसकी जांच के लिए कमेटी भी गठित की जा चुकी है। जल्द ही यह टीम मामले की जांच के लिए यहां पहुंच सकती है। दोनों खेमे एक-दूसरे के खिलाफ सबूत और शिकायतें जुटाने में लगे हैं। प्रदेश से आने वाले जांच अधिकारियों के सामने अपना-अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी की जा रही है।
हालांकि जांच टीम में कौन पदाधिकारी आएंगे और कब आएंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह जरूर तय है कि प्रदेश से जो भी जांच अधिकरी आएंगे, उनके सामने दोनों खेमों के बीच जोरदार शक्ति प्रदर्शन होगा।
सूत्र बताते हैं कि जिलाध्यक्ष खेमे के नेता इस मामले में प्रदेश नेतृत्व तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं। वहां से उन्हें कोई ऐसा निर्देश मिला है, जिससे उन्हें शांत रहना पड़ा है। इधर, सांसद खेमा भी अपनी लड़ाई को धार देने के लिए सांसद के जल्द हाथरस लौटने का इंतजार कर रहा है।
गौरतलब है कि सांसद श्रम मंत्रालय की स्थायी समिति की बैठक के सिलसिले में पुणे में हैं और उनके 18 अक्तूबर की शाम तक यहां लौटने की उम्मीद है। सांसद इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दायर करने की बात कह चुके हैं।
भाजपा जिला महामंत्री डॉ. चंद्रशेखर रावल का कहना है कि वह लंबे समय से संगठन का काम पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करते आ रहे हैं। सांसद भी यह जानते हैं कि उनके विधानसभा तथा लोकसभा दोनों चुनावों में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाला एकमात्र मैं ही था। ऐसे में सांसद द्वारा मेरे ऊपर इस तरह के आरोप लगाया जाना अत्यंत पीड़ादायी और खेदजनक है।
डॉ. रावल का कहना है कि जिस ग्रुप के वह एडमिन हैं, उस एकाउंट से ऐसी कोई संगठन विरोधी सामग्री पोस्ट नहीं हुई, जबकि इसी नाम के दूसरे एकाउंट से धड़ाधड़ ऐसी पार्टी विरोधी पोस्ट की जा रही हैं। जिला महामंत्री डॉ. रावल के लिए भी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया है।
डॉ. रावल का कहना है कि हाथरस विधानसभा से इस बार मैंने भी अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है, इसलिए कुछ लोग मुझे विवादों में डालकर मेरी छवि धूमिल करने का षड्यंत्र कर रहे हैं। मैं हर तरह की जांच और दोषी होने पर हर तरह के दंड के लिए तैयार हूं, किंतु यदि मैं दोषी नहीं पाया गया तो मैं भी कानूनी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटूंगा।
आरोपों से हम पर कोई फर्क नहीं पड़ता। हम संगठन के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं। पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता से संगठन का काम कर रहे हैं। मामला संगठन स्तर पर विचाराधीन है। संगठन का जो भी निर्देश होगा, उसका पालन किया जाएगा। किसी तरह के आरोप-प्रत्यारोपों में हम नहीं पड़ना चाहते।
- रामवीर सिंह परमार, भाजपा जिलाध्यक्ष